भारतीय बॉक्सर्स के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स बेहद खास रहे. इस खेल में भारत ने अब तक का बेस्ट प्रदर्शन किया. बॉक्सर्स ने रिकॉर्ड सात गोल्ड मेडल समेत कुल 10 मेडल हासिल किए. जहां महिला बॉक्सर्स ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए शानदार प्रदर्शन किया, वहीं पुरुषों ने भी अपना पूरा दम दिखाया. लेकिन इन मेडल्स के पीछे मेहनत करने वालों का क्या? उनकी स्थिति यह है कि बीते तीन महीनों से उन्हें सैलरी नहीं मिली है.
CWG में भारतीय बॉक्सर्स ने जीते रिकॉर्ड 10 मेडल, लेकिन कोचिंग स्टाफ को सैलरी का इंतजार
भारतीय बॉक्सिंग कोचिंग स्टाफ में हेड कोच सी कुटप्पा, वीडियो एनालिस्ट, मसाज थेरेपिस्ट को सैलरी का इंतजार हैं. उनके कॉन्ट्रैक्ट को लेकर भी कई समस्याएं हैं.

अमर उजाला की खबर के मुताबिक भारतीय बॉक्सिंग कोचिंग स्टाफ में हेड कोच सी कुटप्पा, वीडियो एनालिस्ट, मसाज थेरेपिस्ट को सैलरी का इंतजार हैं. उनके कॉन्ट्रैक्ट को लेकर भी कई समस्या हैं. पिछले काफी समय से वह पैसों का इंतजार कर रहे हैं. आखिरकार सपोर्ट स्टाफ ने एक साथ आकर साई के डायरेक्टर जनरल के सामने अपनी बात बात रखी है. उनका कहना है कि अगर सैलरी नहीं आई तो एशियन गेम्स के लिए होने वाले कैंप में वह शामिल नहीं हो पाएंगे. यह कैंप पटियाला के एनआईएस में होना है. कुल मिलाकर कोचिंग स्टाफ में शामिल 12 लोगों को सैलरी नहीं मिली है.
आपको बता दें कि कोच को डेढ़ से दो लाख रुपये, डॉक्टर को डेढ़ लाख रुपये, मसाज थेरेपिस्ट को 40 से 50 हजार रुपये, साइकोलॉजिस्ट को एक लाख रुपये और वीडियो एनालिस्ट 80 हजार रुपये प्रति माह मिलते हैं. लेकिन अब तक किसी को भी सैलरी नहीं मिली है. इसके बावजूद कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने अपना बेस्ट दिया. इसका असर भी देखने को मिला. 10 बॉक्सर्स ने फाइनल में जगह बनाई जो कि ऐतिहासिक था. इनमें से 7 ने गोल्ड मेडल जीता.
यह भी पढ़ें- भारतीय मूल के क्रिकेटर पर लगा 8 साल का बैन, फिक्सिंग का लगा आरोप!
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (ग्लासगो) में भारत के बॉक्सिंग पदक विजेता:स्वर्ण पदक (7)
प्रीति पवार
जैसमीन लम्बोरिया
साक्षी चौधरी
प्रिया घंघास
अरुंधति चौधरी
सचिन सिवाच
अंकुश पंघाल
रजत पदक (3)
नरेंद्र बरवाल
मीनाक्षी
हेमंत सांगवान
कॉमनवेल्थ गेम्स से कुछ दिन पहले तक बॉक्सिंग फेडरेशन में कई पद खाली थे. हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर और पुरुष टीम के हेड कोच का पद खाली था. इसके पीछे भी सैलरी ही वजह थी. SAI और BFI के बीच सैलरी को लेकर मतभेद चल रहा था. साई बॉक्सिंग फेडरेशन की मांगों के लिए तैयार नहीं था. साल 2024 के मार्च के महीने में पुरुष टीम के विदेशी कोच ने अपना पद खाली किया था जो कि अब तक खाली है.
वीडियो: भारत में जन्मे निखिल चौधरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए खेलेंगे?













