स्मार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर भी अब BIS के दायरे में आएंगे. तमाम इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के जैसे अब स्क्रीन गार्ड बनाने और इम्पोर्ट करने वाली कंपनियों को BIS सर्टिफिकेशन लेना अनिवार्य होगा.
घटिया फोन स्क्रीन गार्ड की छुट्टी, अब बिकने से पहले पास करना होगा मजबूती का टेस्ट
स्मार्टफोन कंपनियां स्क्रीन की मजबूती की कितनी भी दुहाई दें, लेकिन नया फोन लेने के बाद बिना प्रोटेक्टर के हमें धुकधुकी होती रहती है. ठीक बात है लेकिन क्या कभी आपने इसकी क्वालिटी के बारे में सोचा. शायद क्या, पक्का ही नहीं सोचा. जो दुकान वाले भईया ने चिपका दिया वही ठीक. लेकिन भारत सरकार ने अब इस बारे में सोच लिया है.

मार्केट में स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड का मार्केट हर डिजाइन और हर कलर में कप-प्लेट के जैसा है. माने आपके लाख रुपये के मोबाइल के लिए 100 रुपये का स्क्रीन गार्ड भी मिलता है, तो 1000 रुपये का भी. कीमत से इतर इसमें कई तरह की क्वालिटी का दावा भी किया जाता है. बोले तो फलां वाला 3D है तो फलां वाला 7D. गिरने से भले आपका फोन टूट जाएगा, मगर स्क्रीन गार्ड सलामत रहेगा. ऐसा दावा भी अक्सर किया जाता है.
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कुछ सालों पहले सनलाइट और लिक्विड वाले स्क्रीन गार्ड बड़े चले थे. लेकिन इनसे निकलने वाले लिक्विड ने ऐसा कोहराम मचाया कि स्मार्टफोन कंपनियों को चेतावनी जारी करनी पड़ी. ऐप्पल के हार्डवेयर चीफ टॉम मैरीब तो चाहते ही नहीं कि कोई आईफोन में स्क्रीन प्रोटेक्टर कोई लगाए. उनका कहना है, ‘व्यक्तिगत रूप से, जब मैं किसी को अपने आईफोन पर स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाते हुए देखता हूं, तो मुझे घिन आती है.’ दरअसल टॉम को भी इनकी क्वालिटी से दिक्कत है.

इसी दिक्कत का इलाज सरकार ने निकाला है. सरकार के 21 सितंबर 2026 के नोटिफिकेशन के मुताबिक 1 अप्रैल 2027 से स्क्रीन प्रोटेक्टर भी BIS के दायरे में होंगे. सरकार ने Compulsory Registration Order, 2021 में संशोधन करके ऑर्डर पास किया है. स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए IS 19348:2025 स्टैंडर्ड तय किया गया है. इस स्टैंडर्ड का नाम Glass Screen Protector है.
क्या होता है BIS?भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) किसी भी प्रोडक्ट की गुणवत्ता, सुरक्षा और विश्वसनीयता को प्रमाणित करता है. भारतीय मानक ब्यूरो की प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन स्कीम (BIS Product Certification Scheme) विश्व के बड़े सर्टिफिकेशन स्कीम्स में से एक है. भारत सरकार की इस स्कीम के अंतर्गत करीब 900 प्रोडक्ट्स के लिए 26500 लाइसेंस जारी किए गए हैं.
इस स्कीम के अंतर्गत करीब 20-25 श्रेणियों में आने वाले करीब 379 उत्पादों के लिए बीआईएस सर्टिफिकेशन अनिवार्य है. उदाहरण के लिए सीमेंट से लेकर खाद्य पदार्थ और उनसे जुड़े सामान. घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जिनमें अब स्क्रीन प्रोटेक्टर भी शामिल हो गया है.
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