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Angel One के फाउंडर दिनेश ठक्कर ने 711 करोड़ में खरीदा पूरा टावर, कभी रहते थे किराये के घर में

Angel One के फाउंडर दिनेश ठक्कर की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है. 40 साल की उम्र तक वह किराये के घर में रहते थे. अब जुहू तारा रोड पर एम्बेसी टेराजा में उन्होंने पूरा टावर ही खरीद लिया है.

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एंजेल वन स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी है (Courtesy: Business Today)

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  • दिनेश ठक्कर ने मुंबई के जुहू में 711 करोड़ रुपये कीमत वाले लग्जरी रेसिडेंशियल टावर 'एंजेलस' खरीदा है, जो 63,000 वर्ग फुट में फैला जी+7 फ्लोर वाला प्रोजेक्ट है।
  • ठक्कर ने पहले किराये के मकान में रहते हुए अपने बिजनेस में पूंजी लगाकर एंजल वन कंपनी को डिजिटल फाइनेंशियल सर्विस में बदला, जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।
  • इसके बाद ठक्कर ने लग्जरी रियल एस्टेट में निवेश कर निजी संपत्ति खरीदी, जो उनके करियर और पारिवारिक स्थिरता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

देश की प्रमुख स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी एंजल वन के फाउंडर दिनेश ठक्कर ने मुंबई के जुहू में लग्जरी रेसिडेंशियल टावर खरीदा है. मुंबई के पॉश लोकेशन में बनी इस प्रॉपर्टी की कीमत 711 करोड़ रुपये बताई जा रही है. ठक्कर की गिनती देश के दिग्गज उद्यमियों में होती है. खास बात यह है कि उन्होंने अपनी जिंदगी मे काफी मुश्किल हालात भी देखे हैं. एक समय ऐसा भी था जब वह किराये के घर में रहा करते थे.  

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दिनेश ठक्कर कौन हैं? 

इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिनेश ठक्कर भारत की प्रमुख स्टॉक ब्रोकिंग और फाइनेंशियल सर्विस कंपनी एंजेल वन के फाउंडर है. साथ ही कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक हैं. कंपनी की स्थापना 1996 में हुई थी. एंजेल वन ने शुरू में स्टॉक ब्रोकरेज के रूप में शुरुआत की और बाद में एक डिजिटल फाइनेंशियल सर्विस कंपनी बन गई. कंपनी ने बताया कि उसकी डिजिटल यात्रा साल 2019 में शुरू हुई.

कभी डूबने की कगार पर पहुंच गई थी कंपनी

मैशेबल इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उद्यमी अक्सर दो या तीन साल के भीतर रिजल्ट चाहते हैं. हालांकि, अक्सर एक ठीक-ठाक बिजनेसमैन बनने में दशकों लग सकते हैं. उन्होंने अपने तकनीकी सफर की शुरुआत में मिली एक बड़ी असफलता के बारे में भी बताया. ठक्कर ने कहा कि उन्होंने साल 2001 में एक इंटरनेट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में भारी निवेश किया था. लेकिन डॉट-कॉम बबल के दौरान अपनी लगभग 80% पूंजी खो दी थी. हालांकि, इस असफलता के बाद भी हार नहीं मानी और आखिरकार बेहतरीन कमबैक करने में कामयाब रहे. 

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दिनेश ठक्कर को कार कलेक्शन का भी शौक है. उनके पास मिनी कूपर, एएमजी जीटी एस, लेम्बोर्गिनी हुराकन परफॉर्मेंटे, एएमजी जी-वैगन, फेरारी 488 पिस्ता और पोर्श जीटी3 आरएस जैसी कारे हैं. दिनेश ठक्कर फिटनेस का काफी ध्यान रखते हैं और जिम भी जाते हैं. उनका एक बेटा फिटनेस कोच है.

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किराये के घर में रहते थे दिनेश ठक्कर 

एक समय ऐसा भी था जब ठक्कर खुद किराये के घर में रहते थे. वह महंगा घर खरीदने के बजाय किराये पर लेना पसंद करते थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि लगभग 38-40 साल की उम्र तक वे रेंटेड घरों में रहते थे. अपने करियर के शुरुआती दौर में रियल एस्टेट में बड़ी रकम लगाने के बजाय अपने बिजनेस में पूंजी लगाना मेरी पसंद थी. 

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दिनेश ठक्कर ने कहा कि उनका मानना ​​था कि उनका बिजनेस बेहतर प्रॉफिट दे रहा है.  इसके चलते उन्होंने फैसला किया कि अब सब सेट है, तो अपना घर होना चाहिए. ठक्कर ने कहा कि मुझे लगा कि करियर सेट है और फैमिली लाइफ भी, तो अब घर खरीदना सही रहेगा.

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कितनी शानदार है प्रॉपर्टी

जुहू तारा रोड पर एम्बेसी टेराजा में स्थित यह प्रॉपर्टी कोई आम लग्जरी अपार्टमेंट नहीं है. ठक्कर 63,000 वर्ग फुट के रेरा कारपेट एरिया में फैले एक पूरे जी+7 (ग्राउंड+7) टावर खरीद रहे हैं. यह सौदा लगभग 1.13 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से हुआ है. यह जुहू में आवासीय संपत्ति के लिए एक नया रिकॉर्ड है.

इस प्रॉपर्टी की खास बात ये है कि ये दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ पांच टावरों का प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट में लगभग 50 घर होंगे . इस प्रोजेक्ट का संचालन एम्बेसी डेवलपमेंट्स द्वारा विकास प्रबंधन मॉडल के तहत किया जा रहा है. ठक्कर ने अपने नए सपनों के घर का नाम "एंजेलस" रखा है.

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