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कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टर्स के बढ़े मेडल्स से बहुत खुश होने की जरूरत नहीं है!

अभी करनी होगी और भी मेहनत.

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भारतीय गोल्ड मेडलिस्ट वेटलिफ्टर्स (फोटो: ट्विटर)

काॅमनवेल्थ गेम्स 2022 (CWG 2022) में भारत के वेटलिफ्टर्स का सफ़र खत्म हो गया है. भारत ने यहां अपना अभियान सुपर हैविवेट वेटलिफ्टर गुरदीप सिंह (Weightlifter Gurdeep Singh) के ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ खत्म किया. गुरदीप ने मेंस 109+kg कैटेगरी में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.

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उनके मेडल के साथ वेटलिफ्टिंग में भारत के कुल मेडल्स की संख्या 10 हो गई. इसमें तीन गोल्ड, तीन सिल्वर और चार ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं. यह प्रदर्शन 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग के नौ मेडल्स की तुलना में बेहतर रहा. साथ ही CWG 2022 में भारत ने वेटलिफ्टिंग की मेडल टैली में टॉप स्थान भी हासिल किया है.

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हालांकि इस प्रदर्शन के बाद भी फ़ैन्स को बहुत खुश नहीं होना चाहिए. भारतीय वेटलिफ्टर्स गोल्ड कोस्ट में जीते पांच गोल्ड मेडल की तुलना में बर्मिंघम में केवल तीन गोल्ड मेडल ही जीत पाए. CWG 2022 से शूटिंग के बाहर होने  के बाद भारत की मेडल टैली का नुकसान होना तय था. ऐसे में वेटलिफ्टिंग से उस नुकसान की भरपाई की उम्मीदें बढ़ गयी थीं.

लेकिन वेटलिफ्टिंग में भारत का प्रदर्शन साधारण ही रहा. वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू (Mirabai Chanu), जेरेमी लालरिननुंगा (Jeremy Lalrinnunga) और अचिंता शिउली (Achinta Sheuli) ने भारत के लिए गोल्ड मेडल्स जीते. जबकि संकेत महादेव सरगर (Sanket Sargar), बिंद्यारानी देवी (Bindyarani Devi) और विकास ठाकुर (Vikas Thakur) ने सिल्वर मेडल. और लवप्रीत सिंह (Lovepreet Singh), गुरुराजा (Gururaja), हरजिंदर कौर (Harjinder Kaur) और गुरदीप सिंह (Gurdeep Singh) ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.

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ऑन पेपर भले ही वेटलिफ्टिंग में भारत का प्रदर्शन अच्छा दिख रहा, लेकिन गोल्ड मेडल्स की संख्या बता रही है कि हमारी टीम इस बार पिछड़ गई. बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय वेटलिफ्टर्स का प्रदर्शन ये साबित करता है कि इंडियन वेटलिफ्टर्स को अभी बहुत सुधार की जरूरत है. खासतौर से उन वेटलिफ्टर्स को जिन्होंने सिल्वर या ब्रॉन्ज़ मेडल्स जीते हैं.

# कमी कहां है?

भारतीय वेटलिफ्टर्स के प्रदर्शन की बात करें तो ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई चानू ने यहां 49kg कैटेगरी में कुल 201 किलो वजन उठा कर कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता. जबकि ओलंपिक्स में उन्होंने 202 किलो उठाकर सिल्वर मेडल जीता था. भारत के लिए वेटलिफ्टिंग में दूसरा गोल्ड जीतने वाले जेरेमी लालरिननुंगा ने मेंस 67kg कैटेगरी में कुल 300 किलो उठाकर गेम रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया. जबकि इस वेट कैटेगरी में टोक्यो ओलंपिक्स के गोल्ड मेडलिस्ट ने कुल 332 किलो वजन उठाया था.

अब अगर अचिंता शिउली की बात करें तो उन्होंने मेंस 73kg कैटेगरी में कुल 313 किलो वजन उठाया. ये भी इन गेम्स का रिकॉर्ड था. वहीं टोक्यो ओलंपिक्स में इस कैटेगरी के गोल्ड मेडलिस्ट ने कुल 364Kg उठाए थे.

अब वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए सिल्वर मेडल जितने वाले संकेत सरगर की बात करें, तो उन्होंने मेंस 55kg कैटेगरी में कुल 248 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता. बता दें टोक्यो ओलंपिक्स में ये कैटेगरी शामिल ही नहीं थी.

वेटलिफ्टिंग में विमेंस 55kg कैटेगरी में बिंदियारानी देवी ने कुल 202 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया. इस वेट कैटेगरी में टोक्यो ओलंपिक्स की गोल्ड मेडलिस्ट ने 224 किलो वजन उठाया था. वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए तीसरा सिल्वर जीतने वाले विकास ठाकुर ने मेंस 96kg कैटेगरी में कुल 346kg वजन उठाया. इस वेट कैटेगरी में टोक्यो ओलंपिक्स के गोल्ड मेडलिस्ट ने 402 किलो का वजन उठाया था.

अब वेटलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले गुरुराजा पुजारी की बात करें, तो उन्होंने मेंस 61kg में कुल 269 किलो वजन उठाया. इस कैटेगरी में टोक्यो ओलंपिक्स गोल्ड मेडलिस्ट ने कुल 313 किलो वजन उठाया था.

वेटलिफ्टिंग में दूसरा ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली हरजिंदर कौर ने विमेंस 71kg कैटेगरी में कुल 212 किलो वजन उठाया था. बता दें टोक्यो ओलंपिक्स में ये कैटेगरी शामिल ही नहीं थी. मेंस 109kg कैटेगरी में नेशनल रिकॉर्ड तोड़ ब्रॉन्ज़ जीतने वाले लवप्रीत सिंह ने कुल 355 किलो वजन उठाया. इस कैटेगरी में टोक्यो ओलंपिक्स के गोल्ड मेडलिस्ट ने 430 किलो वजन उठाया था.

वहीं वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए आखिरी मेडल जीतने वाले गुरदीप सिंह ने मेंस +109Kg कैटेगरी में कुल 390 किलो वजन उठाया. इस कैटेगरी में टोक्यो ओलंपिक्स के गोल्ड मेडलिस्ट ने कुल 488 किलो वजन उठाया था. अब आप ही तय कीजिए, कि इन मेडल्स के दम पर हमें ओलंपिक्स में उम्मीद रखनी चाहिए या नहीं. 

Lovepreet Singh ने 109 kg कैटेगरी में 355kg वजन उठा जीता Bronze Medal

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