टीम इंडिया के स्विंग के सुल्तान भुवनेश्वर कुमार की 4 साल बाद स्क्वॉड में वापसी हो गई है. क्रिकेट फैंस के लिए यह खबर किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है. नवंबर 2022 में भारत के लिए अपना आखिरी मैच खेलने वाले भुवी अब न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली T20I सीरीज में नीली जर्सी में नजर आएंगे. लेकिन इस वापसी के पीछे की कहानी बड़ी दिलचस्प है. इसका सीधा कनेक्शन पिछली और मौजूदा सिलेक्शन कमेटी से जुड़ा है.
आगरकर आउट, भुवी इन! 4 साल से टीम इंडिया से क्यों बाहर थे भुवनेश्वर कुमार?
Ind vs NZ : टीम इंडिया में 4 साल बाद Bhuvneshwar Kumar की वापसी हुई है. स्विंग के किंग ने पिछले दो IPL सीजन में अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया था. बुमराह को T20I सीरीज के लिए रेस्ट दिया गया है. ऐसे में भुवी का अनुभव यंग्सटर्स के लिए काफी अहम होगा.

भुवनेश्वर की वापसी की कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट अजीत आगरकर का है. एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जब तक आगरकर चीफ सिलेक्टर थे. भुवी के लिए टीम इंडिया के दरवाजे लगभग बंद ही माने जा रहे थे. आगरकर का विजन एकदम क्लीयर था. भविष्य की तरफ देखो. भले ही भुवनेश्वर कुमार डोमेस्टिक या IPL में अपनी धार दिखा रहे थे. लेकिन आगरकर अनुभवी गेंदबाजों की ओर वापस लौटने के मूड में नहीं थे. वो नए और युवा चेहरों पर दांव लगाना चाहते थे.
लेकिन फिर हुआ खेला. अजीत आगरकर की विदाई हुई और प्रज्ञान ओझा ने अंतरिम चीफ सिलेक्टर का पद संभाला. ओझा के आते ही समीकरण बदले और 4 साल के वनवास के बाद भुवनेश्वर की टीम इंडिया में शानदार एंट्री हो गई.
इस पूरे घटनाक्रम पर दिनेश कार्तिक ने बड़ी दिलचस्प बात कही है. कार्तिक ने ओझा की अगुवाई वाली चयन समिति की तारीफ करते हुए कहा,
उन्हें भारतीय टीम में वापस चुनने में 4 साल लग गए. सबसे पहले, सिलेक्टर्स को बधाई कि उन्होंने किसी को चुनने का साहस दिखाया.
कार्तिक का ये बयान सीधा आगरकर एरा के फैसलों के संदर्भ में देखा जा सकता है. कार्तिक का मानना है कि भारत ने हाल के सालों में कई पेसर्स आजमाए हैं. लेकिन भुवी के हुनर की भरपाई करना आसान नहीं है.
उन्होंने आगे कहा,
पिछले साल टीम इंडिया ने सभी पेसर्स को आजमाया है. लेकिन अगर आप सिर्फ हुनर की बात करें, तो भुवी का प्रदर्शन शानदार रहा है. वो जो क्वालिटी लाते हैं, वह कमाल है. नई गेंद से बॉलिंग करना, दोनों तरफ स्विंग कराना. फिर डेथ ओवरों में दबाव संभालना. ये सब उन्हें खास बनाता है.
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IPL में काटा था गदरभुवी को ये मौका यूं ही नहीं मिला है. उन्होंने RCB के लिए पिछले दो सीजन जबरदस्त खेल दिखाया है. इसके कारण सिलेक्टर्स को उन्हें चुनने पर मजबूर होना पड़ा. RCB को लगातार दो साल IPL 2025 और 2026 में चैंपियन बनाने में भुवी का बड़ा रोल था. 2025 में 17 और 2026 में 28 विकेट चटकाकर उन्होंने साबित कर दिया कि शेर बूढ़ा नहीं हुआ है. 2022 T20 वर्ल्ड कप के खराब दौर के बाद लग रहा था कि उनका करियर खत्म है. लेकिन लाइमलाइट से दूर रहकर उन्होंने खुद पर काम किया. इसी का फायदा उन्हें IPL में मिला.
कार्तिक ने IPL मेगा ऑक्शन का किस्सा भी शेयर किया,
बुमराह के कारण मिला मौका?जब हम मेगा ऑक्शन के लिए चर्चा कर रहे थे. भुवी का नाम चर्चा में था. हमने तय कर रखा था उन्हें लेना ही है.
न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज के लिए जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है. ऐसे में भुवी का अनुभव टीम के बहुत काम आएगा. अर्शदीप सिंह के साथ नई गेंद शेयर करने के अलावा, मयंक यादव और प्रिंस यादव जैसे युवा गनर्स को भुवी से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा. 2028 T20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से उनका ये मार्गदर्शन काफी अहम साबित हो सकता है.
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को खेला जाएगा. अब देखना होगा कि भुवी नई गेंद से कीवी बल्लेबाजों को कितना नचाते हैं. हालांकि, भुवी के सिलेक्शन ने एक और सवाल खड़ा कर दिया है. क्या भुवी की तरह ODI में मोहम्मद शमी की भी टीम इंडिया में वापसी होने वाली है? ये सवाल इसलिए क्योंकि 5 मैचों की ODI सीरीज के तुरंत बाद टेस्ट सीरीज शुरू हो जाएगी. ऐसे में बुमराह को अंतिम दो ODI में वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखकर रेस्ट देना मैनेजमेंट की मजबूरी होगी.
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