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रिटायरमेंट के बाद विदेशी लीग खेलने जाते हैं प्लेयर्स, BCCI लाने वाला है सख्त नियम

चार जून को BCCI की अपेक्स काउंसिल की बैठक थी. इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. चर्चा इस बात बार भी हुई कि रिटायरमेंट के बाद खिलाड़ी विदेशी लीग में कब हिस्सा ले सकते हैं. बोर्ड ऐसे प्लेयर्स के लिए ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ का नियम लागू करने वाला है.

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हाल में विजय शंकर ने रिटायरमेंट का ऐलान किया है. (Photo-India Today)

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  • ऑलराउंडर विजय शंकर ने रिटायरमेंट लेकर लंका प्रीमियर लीग (LPL) में खेलने का फैसला किया है और इसके बाद BCCI ने विदेशी लीगों में खेलने के लिए नए नियम विकसित करने की घोषणा की है।
  • BCCI की मौजूदा नीति के अनुसार, कोई भी भारतीय क्रिकेटर विदेशी लीग में तभी शामिल हो सकता है जब उसने सभी भारतीय क्रिकेट फॉर्मेट से संन्यास ले लिया हो, जिससे विजय शंकर ने LPL में खेलने हेतु संन्यास लिया।
  • BCCI ने विदेशी लीगों में खेलने वाले रिटायर्ड खिलाड़ियों के लिए 5 साल के 'कूलिंग ऑफ पीरियड' का नियम प्रस्तावित किया है, जिसका अंतिम निर्णय BCCI अध्यक्ष और सचिव करेंगे।

इंडिया क्रिकेट टीम में खेल चुके ऑलराउंडर विजय शंकर ने हाल ही में रिटायरमेंट लिया. उनके इस ऐलान के फौरन बाद एक और खबर सामने आई. खबर यह कि विजय शंकर अब लंका प्रीमियर लीग (LPL) में खेलते नजर आएंगे. खबर की टाइमिंग ने इस ओर इशारा किया कि शंकर ने LPL में खेलने के लिए ही संन्यास का ऐलान किया है. अब BCCI ने इस तरह के मामलों से निपटने के लिए प्लान बनाने की तैयारी कर ली है.

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BCCI लाएगा नया नियम

4 जून को BCCI की एपेक्स काउंसिल की बैठक हुई. इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई. ये भी बात हुई कि रिटायर्ड प्लेयर्स विदेशी लीग में कब और कैसे हिस्सा ले सकते हैं. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक बोर्ड ऐसे प्लेयर्स के लिए ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ का नियम लागू करने वाला है. ये 5 साल का हो सकता है.

माने, कोई भी खिलाड़ी रिटायरमेंट अनाउंस करने के बाद अगर विदेश की किसी लीग में खेलता है, तो वो अगले पांच साल तक इंडियन क्रिकेट का पार्ट नहीं हो सकता. इस मुद्दे पर आखिरी फैसला BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास और सेक्रेटरी देवजीत सैकिया लेंगे.

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क्या कहती है मौजूदा पॉलिसी

यहां BCCI की एक और मौजूदा पॉलिसी है. जिसके मुताबिक कोई भी इंटरनेशनल भारतीय खिलाड़ी, डोमेस्टिक क्रिकेटर या IPL खेलने वाला क्रिकेटर विदेशी लीग में हिस्सा नहीं ले सकता. प्लेयर विदेशी लीग में सिर्फ एक शर्त पर खेल सकते हैं, जब वो भारतीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लें‌.

विजय शंकर से पहले कई खिलाड़ी ऐसा कर चुके हैं. इस लिस्ट में युवराज सिंह, इरफान पठान, दिनेश कार्तिक, उनमुक्त चंद और प्रवीण तांबे जैसे नाम शामिल हैं. यह सभी क्रिकेटर इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद किसी न किसी विदेशी लीग से खेलते हुए दिखे हैं.

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BCCI की इस बैठक में और कई मुद्दों पर चर्चा हुई. अंडमान एंड निकोबार आईलैंड काफी समय से अपने एफिलिएशन के लिए की मांग कर रहा है. बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया. कुछ समय पहले क्रिकेट बोर्ड ऑफ मालदीव्स और क्रिकेट फीजी ने BCCI से मदद मांगी थी. इसको लेकर भी चर्चा की गई.

कप्तानी पर नहीं हुई चर्चा

पिछले कुछ दिनों से इंडियन T20I टीम की कप्तानी पर काभी चर्चा हो रही है. कई लोगों को ऐसा लग रहा था कि इस बैठक में कप्तान पर भी बात होगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. 

एपेक्स काउंसिल इस तरह की चीजों को लेकर फैसला नहीं कर सकती. यह फैसला पूरी तरह नेशनल सेलेक्शन कमेटी के हाथों में है. चार जून की रात ही कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि सेलेक्सन कमेटी ने सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटा दिया है. उनकी जगह श्रेयस अय्यर को कप्तान चुना गया है. हालांकि, अब तक BCCI की तरफ से ऐसे किसी भी खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

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