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फुटबॉल अब दो हाफ का गेम नहीं! FIFA वर्ल्ड कप 2026 में मिलेंगे 4 ब्रेक

FIFA वर्ल्ड कप 2026 में एक बड़ा बदलाव होने वाला है. हॉकी और बास्केटबॉल की तरह अब फुटबॉल में भी 4 क्वार्टर होंगे. दोनों हाफ के बीच में अब एक-एक बार 3-3 मिनट का ब्रेक लिया जाएगा.

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4 जून 2026 (अपडेटेड: 4 जून 2026, 08:29 PM IST)
FIFA World Cup 2026, 2 Halves not 4 quarters
फीफा वर्ल्ड कप के दौरान इस बार 45 मिनट के दो हाफ की जगह 4 क्वार्टर्स होंगे. (फोटो-AFP)
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फुटबॉल अब दो हाफ वाला गेम नहीं रहेगा. फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब हॉकी और बास्केटबॉल की तरह 4 क्वार्टर होंगे. 11 जून से अमेर‍िका, मेक्सिको और कनाडा में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप में अब दो हाईड्रेशन ब्रेक दिए जाएंगे. माने क्रिकेट में जिस तरह ड्रिंक्स ब्रेक होता है. उसी तर्ज पर अब फुटबॉल में भी हाईड्रेशन ब्रेक होगा.

ये ब्रेक 3 मिनट का होगा. पहले हाफ के दौरान ये ब्रेक 22वें मिनट में लिया जाएगा. वहीं, दूसरे हाफ में 67वें मिनट के आसपास ये ब्रेक मिलेगा. वैसे आप सोचेंगे ये तो फीफा ने सही ही किया. लेकिन, ये मामला सिर्फ हाईड्रेशन का नहीं है. दरअसल, फीफा चाहता है कि उनके ब्रॉडकास्टर्स को सीधे तौर पर इसका फायदा पहुंचे. वो 6 मिनट के इस ब्रेक का फायदा ऐड चलाने के लिए करें.  

हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब फीफा ने ऐसी रणनीति अपनाई है. इससे पहले भी फीफा पिछले वर्ल्ड कप में तापमान बढ़ने पर कूलिंग ब्रेक्स देने का प्रावधान रखता था. लेकिन, ये पहली बार है जब ह्यूस्टन की गर्मी हो या वैनकूवर की सर्दियां रेफरीज निर्धारित समय पर ये ब्रेक जरूर लेंगे.

ब्रेक का फायदा टीम को भी मिलेगा

इस 3 मिनट के ब्रेक का फायदा टीमों को भी होगा. कोच के पास अब दो अतिरिक्त मौके होंगे, जहां वो टीम को नया निर्देश दे सकेंगे. वो इस दौरान कुछ टैक्टिल चेंजेज भी कर सकेंगे. साथ ही फीफा ने इस दौरान कमर्शि‍यल फायदा को ध्यान में रखते हुए इस दौरान टेलिविजन नेटवर्क को मिड-गेम कम‍र्शि‍यल चलाने की भी इजाजत देंगे.

इसका सीधे तौर पर फाया समझें तो अब 624 एक्सट्रा मिनट का ब्रेक 104 मैच के दौरान मिलेगा. यानी 10 घंटे का कुल ब्रॉडकास्ट बफर. इतने देर में तो फुटबॉल के 7 मैच हो जाते हैं. ये सीधे तौर पर अमेरिकन स्टाइल का ए‍डवर्टाइजर फ्रेंडली मॉडल डेवलप करने की कोश‍िश है. जैसा अमूमन NBA और NFL के दौरान देखने को मिलता है. हालांकि, इस फैसले को लेकर सभी कोच एकमत नहीं हैं.

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कोचेज का क्या है मानना?

USA के हेड कोच मॉरिसियो पोशेट्टिनो ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा,

मैं सच कहूं तो मुझे ये पसंद नहीं आया. मेरे हिसाब से इससे गेम का रिदम बिगड़ेगा. मैं समझता हूं कि ओपन स्टेडियम्स में शायद ख‍िलाड़‍ियों की हेल्थ को देखते हुए फैसला लेने की जरूरत है. लेकिन, एटलांटा जैसे स्टेडियम्स जहां तापमान 21, 22 और 23 डिग्री होता है. मुझे लगता है कि ये ब्रेक सही नहीं होगा. लेकिन, अब क्योंकि ये नया नियम है तो हमें इसे मानना ही होगा.

वहीं, बेल्जियम के हेड कोच रुडी गार्सि‍या इस नियम के फेवर में हैं. उन्होंने कहा,

मुझे ये नियम पसंद आया क्योंकि इससे हमें टीम के साथ बीच में बात करने का मौका मिलेगा. हम स्ट्रैटजी और प्लान पर बात कर सकेंगे. ऐसे ब्रेक्स के दौरान टीम से बात करना बहुत कारगर साबित हो सकता है.

इस पॉलिसी का फायदा फुटबॉल में ज्यादा प्रचार दिखाने के लिए होगा. साथ ही टीवी पार्टनर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी ये भी है कि उन्हें मेक्सिको, कनाडा और अमेरिका में 3 अलग ओपनिंग सेरेमनीज टेलीकास्ट करने का भी मौका मिलेगा. सीधे तौर पर कहें तो अमेरिकन टीवी और उनके ऑडिएंस को ध्यान में रखकर ही ये बदलाव किए गए हैं. 

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