The Lallantop

कंगारुओं के सपने में आएगी ये बांग्लादेशी टीम, मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा!

Aus vs Ban Darwin Test : बांग्लादेश ने डार्विन में इतिहास रच दिया. 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट दौरा करते हुए कप्तान Najmul Hossain Shanto की टीम ने कंगारुओं को 9 विकेट से रौंद दिया.

Advertisement
post-main-image
बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को डार्विन टेस्ट में 9 विकेट से रौंद दिया. (फोटो-AP)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • बांग्लादेश ने 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया के घरेलू मैदान पर डार्विन में हुए पहले टेस्ट मैच को 9 विकेट से जीत लिया, जिससे वह सबसे कम मैचों में ऑस्ट्रेलिया को हराने वाली एशियाई टीम बन गई।
  • इस टेस्ट सीरीज को समय से पहले इसलिए कराया गया क्योंकि ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड के खिलाफ 150वीं सालगिरह वाले मैच के लिए अपना कैलेंडर खाली करना था, जबकि पहले बांग्लादेश से टेस्ट खेलना मार्च 2027 में तय था।
  • ऑस्ट्रेलियाई टीम को इस हार के बाद अपने बल्लेबाजी क्रम और संयोजन पर पुनर्विचार करना पड़ा है, जबकि अगला टेस्ट मैच मैके के ग्रेट बैरियर रीफ एरीना में खेला जाएगा जहां ऑस्ट्रेलिया वापसी कर सकता है।

बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को उनके घर पर बुरी तरह रौंद दिया. 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट दौरा कर रही बांग्लादेशी टीम ने डार्विन में हुए पहले टेस्ट मैच को 9 विकेट से जीत लिया. नजमुल शांतो की अगुवाई वाली टीम ने हर सेशन में मेजबान को डोमिनेट किया. चौथी इनिंग्स में 57 रनों के टारगेट को चेज करते हुए बांग्लादेशी टीम ने ये मुकाबला 14.2 ओवर में जीत लिया.  

Advertisement

बांग्लादेशी टीम ने मैच की दोनों पारियों में शानदार गेंदबाजी करके जीत की नींव रखी.
यह जीत दोनों देशों के रिश्तों में एक अहम बदलाव का संकेत है. खासकर बांग्लादेश के लिए, जिसने ऑस्ट्रेलिया में अब तक सिर्फ 3 ही मैच खेले हैं. लेकिन, इसी के साथ टीम ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बना लिया. वो ऑस्ट्रेलिया को उनके घर पर सबसे कम मैचों में हरानी वाली एश‍ियाई टीम बन गई.

बांग्लादेश का सटीक जवाब

2026 से पहले क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज खेलने का मौका नहीं दे रहा था. 2018 में ऑस्ट्रेलिया ने बोर्ड को बताया कि ब्रॉडकास्टर फुटबॉल सीजन के बीच में सीरीज दिखाने में दिलचस्पी नहीं रखते थे. शायद यह सोच इसलिए बनी क्योंकि ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश को कमजोर राइवल मानता था.

Advertisement

ये सीरीज भी समय से पहले आयोजित की गई. बांग्लादेश को मार्च 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना था. लेकिन, टेस्ट सीरीज को पहले ही आयोजित कर लिया गया. क्योंकि ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड के खिलाफ 150वीं सालगिरह वाले मैच के लिए अपना कैलेंडर खाली कर सके.

बांग्लादेशी टीम जब ऑस्ट्रेलिया पहुंची, उन्हें अच्छी तरह पता था कि उनका गर्मजोशी से स्वागत नहीं होने वाला है. वे उन आम जगहों पर नहीं खेलने वाले थे जहां भारत, इंग्लैंड या साउथ अफ्रीका खेलते हैं. सीरीज़ की मेज़बानी करने वाले दो वेन्यू में से एक पर आखिरी टेस्ट मैच 2004 में हुआ था. वहीं, दूसरे पर खेल के इतिहास में कभी मेंस टेस्ट मैच नहीं खेला गया है.

बांग्लादेश के सामने दो रास्ते थे या तो इस बर्ताव से निराश होकर हार मान लें. या फिर सालों तक कमजोर टीम समझे जाने के बाद पलटवार करें. शांतो की सेना ने दूसरा विकल्प चुना.

Advertisement

ये भी पढ़ें : ग्रीन ने सेंचुरी से बचाई लाज, पर बांग्लादेश के हाथों ऑस्ट्रेलिया की हार तय!

बांग्लादेश के पेसर्स ने किया कमाल

डार्विन में हरी घास वाली पिच पर बॉलिंग करने उतरी बांग्लादेश की पेस तिकड़ी ने पिच पर आग उगल दी. 26 साल के हसन महमूद ने अपने करियर के बेस्ट आंकड़े 6/55 के साथ ऑस्ट्रेलियन टीम की कमर तोड़ दी. उन्हें तस्कीन अहमद और इबादत हुसैन का भी अच्छा साथ मिला. हालांकि, टीम के सबसे प्रमुख पेसर नाहिद राणा चोटिल हैं. लेकिन, इन तीनों ने उनकी कमी नहीं खलने दी.

ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में महज 198 रन पर ऑलआउट हो गया. ये बांग्लादेश के खि‍लाफ उनका अब तक का सबसे कम स्कोर है. पहले ही दिन घुटनों पर आ जाने के बाद कंगारू उबर नहीं पाए. पारी की शुरुआत में मिचेल स्टार्क ने कुछ अच्छी गेंदें डालीं.  लेकिन, उनके अलावा कोई ऑस्ट्रेलियन इतना प्रेशर नहीं बना पाया. रही सही कसर बांग्लादेशी बैटर्स ने पूरी कर दी.

दूसरी पारी में मेहदी का कमाल

ओपनर तंजीद तमीम ने 197 गेंदों पर शानदार 101 रन बनाकर टीम को आगे बढ़ाया. उनका साथ बांग्लादेश के कप्तान नजमुल शांतो ने दिया, जो जानते थे कि यह मैच उनकी टीम के लिए कितना अहम है. मेहदी हसन (154 गेंदों पर 65 रन) और मुशफिकुर रहीम (55 गेंदों पर 36 रन) के अहम योगदान से बांग्लादेश 426 रनों के बड़े स्कोर तक पहुंच पाया. पहली पारी में बड़ी बढ़त के साथ, आधा काम तो हो ही गया था. लेकिन, बांग्लादेश जानता था कि ऑस्ट्रेलिया के खि‍लाफ वे ढील नहीं दे सकते.

इस बार बांग्लादेशी टीम स्पिनर मेहदी हसन मिराज की अगुवाई में उतरी. हसन महमूद ने शानदार शुरुआती स्पैल में दोनों ऑस्ट्रेलियन ओपनर्स वदेराल्ड और हेड को अपना श‍िकार बनाया. उसके बाद सारा दारोमदार मेहदी हसन मिराज और सही जगहों पर गेंद डालने की उनकी चालाकी पर था. मेहदी ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 66 रन देकर 5 विकेट लिए. अगर कैमरन ग्रीन ने शतक नहीं लगाया होता, तो ऑस्ट्रेलिया ये मुकाबला पारी से हारती. लेकिन, ग्रीन का शतक भी हार नहीं टाल सका. ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 284 रन पर आउट हो गई. बांग्लादेश को जीत के लिए सिर्फ 57 रनों का लक्ष्य मिला.

ये भी पढ़ें : डार्विन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया हार की कगार पर, ये 2 विकेट बांग्लादेश की जीत पक्की कर देंगे!

ऑस्ट्रेलिया कर सकता है ग्रेट बैरियर रीफ में वापसी

हाल के सालों में यह दूसरी बार है, जब ऑस्ट्रेलिया ने विरोधी टीम को कम आंका है. 2024 में वेस्टइंडीज ने उन्हें गाबा में बुरी तरह हराया था. उस समय उनके कई पूर्व खिलाड़ियों ने कहा था कि क्रेग ब्रेथवेट की टीम सालों में ऑस्ट्रेलिया आने वाली सबसे खराब विदेशी टीम है. इस बार, किसी ने नहीं सोचा था कि सारे दिग्गजों से लैस ऑस्ट्रेलियन टीम बांग्लादेश से बुरी तरह हार जाएगी.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग चौथे दिन की शुरुआत में बहुत गुस्से में थे. उन्होंने टीम सेलेक्शन पर ही सवाल उठा दिया था. साथी ही ये सुझाव भी दिया था कि ऑस्ट्रेलिया को अपने बैटिंग ऑर्डर में भी बदलाव करने की जरूरत है. वहीं, मैथ्यू हेडन ने माना कि ऑस्ट्रेलिया को अपने कॉम्बिनेशन पर फिर से विचार करने की जरूरत है. शायद उन्हें ट्रैविस हेड को नंबर 3 पर भेजना चाहिए और ओपनर्स का कोई नया कॉम्बिनेशन खोजना चाहिए. ऑस्ट्रेलिया के सामने और भी मुश्किलें हैं. उनकी टीम में ज़्यादातर खिलाड़ी उम्रदराज़ हैं. सिर्फ़ कैमरन ग्रीन ही 30 साल से कम उम्र के हैं.

लेकिन इस हार से खेल के इस फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलियन टीम की काबिलियत को कम नहीं आंका जाना चाहिए. पिछले सीजन में भी उन्होंने धीमी शुरुआत की थी. पर्थ में टीम इंडिया से हार गए थे. लेकिन, इसके बाद अगले 4 टेस्ट मैचों में भारत को बुरी तरह हराया. कंगारुओं को अगला टेस्ट मैच मैके के ग्रेट बैरियर रीफ एरीना में खेलना है. बांग्लादेश के ख‍िलाफ अगर वो जबरदस्त वापसी करते हैं तो हमें हैरान होने की जरूरत नहीं है.

वीडियो: कुलदीप यादव ने गौतम गंभीर को क्या चुनौती दे दी?

Advertisement