एशियन गेम्स 2026 में एथलेटिक्स इवेंट्स खत्म हो गए हैं. 74 खिलाड़ियों के दल ने इस बार 24 मेडल जीते हैं. इसमें एक गोल्ड, 8 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. पिछले एशियन गेम्स की तुलना में गोल्ड और मेडल्स की संख्या घटी है. साल 2023 में चीन के हांगझू में हुए एशियन गेम्स में भारत ने 6 गोल्ड, 14 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत 29 मेडल जीते थे. लेकिन, आखिर ऐसा हुआ कैसे? सिल्वर और गोल्ड की संख्या में यह गिरावट कैसे आई है.
Asian Games : एथलेटिक्स में 6 गोल्ड से 1 पर आए! क्यों डिफेंड नहीं हो सके मेडल्स?
एशियन गेम्स 2026 में सबसे बड़ा दल, एथलेटिक्स का था. भारतीय एथलेटिक्स दल में 74 खिलाड़ियों को शामिल किया गया था. भारत को कुल मिलाकर 24 मेडल हासिल हुए, जो कि पिछले एशियन गेम्स से पांच मेडल कम हैं.

सबसे पहले बात गोल्ड की ही कर लेते हैं. भारत को पिछली बार 6 गोल्ड हासिल हुए थे. इसमें से किसी भी इवेंट में भारत अपना गोल्ड डिफेंड नहीं कर पाया. पिछले एशियाड में गोल्ड जीतने वाले तेजिंदरपाल सिंह इस बार सिल्वर ही ला सके. इवेंट का गोल्ड ईरान के मोहम्मदरेजा तायेबी के नाम रहा, जिन्होंने गेम्स रिकॉर्ड बनाया. चोट के बाद वापसी कर रहे अविनाश साबले इस बार 3000 स्टीपलचेज में कोई भी मेडल हासिल नहीं कर सके. वहीं, खराब फॉर्म से जूझ रहीं पारुल चौधरी भी 5000 मीटर में अपना गोल्ड डिफेंड नहीं कर सकीं.
बीते एशियन गेम्स में जैवलिन में महिला और पुरुष, दोनों ही इवेंट में भारत चैंपियन था. हालांकि, इस बार गोल्ड जिताने वाले नीरज चोपड़ा और अन्नु रानी ने चोट के चलते एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लिया. बीते साल भारत की 4x400 मीटर पुरुष रिले टीम ने गोल्ड जीता था. इस टीम में मोहम्मद अनस, आमोज जैकब, मोहम्मद अजमल और राजेश रमेश शामिल थे. इस बार इस रिले में चार नए खिलाड़ी उतरे. ये खिलाड़ी रिले कैंप का हिस्सा थे. हालांकि, वह केवल ब्रॉन्ज मेडल ही ला सके. यहां भी भारत गोल्ड डिफेंड नहीं कर सका.
एशियन गेम्स में पहुंचकर भी भारतीय खिलाड़ी चोट से परेशान रहे. ज्योति याराजी को 100 मीटर हर्डल्स इवेंट के लिए दल में शामिल किया गया था. हालांकि, हीट्स से पहले ही वो दर्द के कारण बाहर हो गईं. पिछले गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था. वह इस सीजन में भी अच्छे फॉर्म में थीं और मेडल की प्रबल दावेदार थीं. वहींं, ट्रिपल जंपर प्रवीण चित्रवेल भी अपने इवेंट के दौरान चोटिल हो गए. वह दर्द में थे और इस वजह से उनके सारे जंप फाउल हो गए. वहीं, मुरली श्रीशंकर जो इस बार गोल्ड के लिए दावेदारी पेश कर रहे थे. वह भी अपना 100 प्रतिशत नहीं दे सके. उन्हें चार जंप के बाद चोट लगी और फिर वे ट्रैक पर नहीं उतर पाए. वहीं, साबले भी चोट के डर के कारण ही इस बार केवल स्टीपलचेज इवेंट में ही उतरे. उन्होंने 5000 मीटर रेस के लिए अपना नाम नहीं दिया था. पिछले एशियाड में उन्होंने इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था.
मेडल के करीब आकर चूक गए खिलाड़ीभारत के कई खिलाड़ी इस बार मेडल के बेहद करीब आकर मौका चूक गए. भारत के तीन खिलाड़ी चौथे स्थान पर रहे. साबले 3000 मीटर स्टीपलचेज में चौथे स्थान पर रहे. महिला ट्रिपल जंप में आशा इलांगो ने शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली ली यी ने 13.83 मीटर का जंप किया. इसके बाद, काउंटर-बैक नियम लगाया गया. देखा गया कि दोनों के सेकंड बेस्ट जंप में किसका जंप बेहतर है. ली यी का सेकंड बेस्ट जंप 13.79 मीटर था, वहीं आशा का 13.65 था. इसी कारण आशा को मेडल नहीं मिला.
लॉन्ग जंप में शैली सिंह आखिरी अटेम्प्ट के बाद पोडियम से बाहर हो गईं. वह अपने आखिरी जंप के बाद ब्रॉन्ज पोजिशन पर थीं. चीन की तान मेंगई ने अपने आखिरी अटेंप्ट में 6.46 मीटर का जंप करके ब्रॉन्ज अपने नाम कर लिया. इस दौरान उनके चौथे जंप को लेकर भी काफी विवाद हुआ. उनके चौथे जंप को 6.41 मीटर माना गया था. शैली का दावा था कि उनका जंप इससे ज्यादा था. उन्होंने रिव्यू लिया था. रेफरी ने बताया कि उनके बाल जमीन को पहले छू रहे थे. इस कारण जंप की दूरी उनके पैर के मार्क की जगह बालों से नापी गई. आपको बता दें कि भारत ने इस फैसले के खिलाफ CAS जाने का फैसला किया है.
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कई इवेंट्स में खत्म हुआ मेडल्स का सूखाएथलेटिक्स में इस बार कुछ पॉजिटिव रिजल्ट भी रहे. भारत को चार ऐसे इवेंट्स में मेडल मिले, जिनमें सालों से भारत पोडियम पर नहीं पहुंचा था. महिला पोल वॉल्ट में बारानिका इलांगोवन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. यह एशियन गेम्स के इतिहास में इस इवेंट में भारत का पहला मेडल था. भारत के लिए सीमा कुमारी ने 16 साल बाद 10000 मीटर में और पूजा सिंह ने 24 साल बाह हाई जंप में भारत को मेडल दिलाया. दोनों के खातों में ब्रॉन्ज मेडल आए. वहीं, मैराथन में भी 42 साल बाद भारत ने सिल्वर मेडल जीता. सावन बरवाल ने रिकॉर्ड टाइमिंग के साथ सिल्वर मेडल जीता. इसी कारण भारत 24 मेडल के आंकड़े तक पहुंच पाया.
वीडियो: एशियन गेम्स के 7 वें दिन शूटिंग में भारत को एक और मेडल, एथलेटिक्स में पदकों की भरमार













