ओलंपिक मेडलिस्ट बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंच गई हैं. उन्होंने 75 किलोग्राम वेट कैटेगरी के सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान की नतालिया बोगदानोवा को 3-2 मात से दी. इसके साथ ही उनका सिल्वर मेडल पक्का हो गया है. वहीं प्रिया घंघास और कपिल पोखरिया को सेमीफाइनल मुकाबलों में हार मिली. लेकिन दोनों ने भारत के खाते में दो ब्रॉन्ज मेडल का इजाफा किया.
Asian Games: वर्ल्ड चैंपियन को हराकर फाइनल में लवलीना, बॉक्सिंग में 3 मेडल पक्के
ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन ने पिछले एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था. वह इस बार 75 किलो वेट कैटेगरी के फाइनल में पहुंच चुकी हैं. लवलीना इस बार फाइनल में अपने मेडल का रंग बदलने उतरेंगी.

लवलीना को सेमीफाइनल में कजाकिस्तानी बॉक्सर नतालिया से कड़ी चुनौती मिली. लवलीना ने मुकाबले में धीमी शुरुआत की. वो पहले राउंड में लय हासिल करने में संघर्ष कर रही थीं. नतालिया ने इसका पूरा फायदा उठाया. दूसरा राउंड डिसाइडिंग राउंड था. इस राउंड में लवलीना ने वापसी की. उन्होंने सटीक मुक्के लगाए. यह राउंड लवलीना ने 5-0 से अपने नाम किया. तीसरे राउंड में नतालिया ने अग्रेसिव खेल दिखाया. लवलीना ने 3-2 से मैच अपने नाम किया. अब खिताबी मुकाबले में वो चीन की ज़ियी बाओ का सामना करेंगी.
प्रिया और कपिल ने जीता ब्रॉन्जइसके बाद 60 किलोग्राम वेट कैटेगरी में प्रिया घंघास का सामना पूर्व वर्ल्ड चैंपियन यांग चेंग्यू से था. प्रिया का यह पहला एशियन गेम्स है. चीन की खिलाड़ी यांग ने प्रिया के कम अनुभवी होने का फायदा उठाया. उन्होंने शुरुआत से अटैकिंग खेल दिखाया और प्रिया को बैकफुट पर भेज दिया. प्रिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन उनके पंच सटीक नहीं थे. वह यह मुकाबला 1-4 से हारीं. हालांकि सेमीफाइनल में पहुंचते ही उनका ब्रॉन्ज मेडल पक्का था. प्रिया ने ब्रॉन्ज मेडल जीतने के बाद कहा,
यह मेरे पहले एशियन गेम्स हैं. पहले ही एशियाड में मैंने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता है. मुझे उम्मीद है कि अगली बार मैं देश के लिए गोल्ड मेडल जीतूंगी.
भारतीय मुक्केबाज कपिल ने भी पुरुषों के 90 किलोग्राम वेट कैटेगरी में चुनौती पेश की. उनका सामना उज्बेकिस्तान के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन तुराबेक खबीबुल्लाएव से था. कपिल का डिफेंस तो मजबूत था लेकिन वह अटैक नहीं कर पा रहे थे. मैच के आखिरी राउंड में कपिल ने वापसी की, लेकिन यह वापसी उन्हें जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थी. कपिल को भी ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा. इसके अलावा 29 सितंबर को नरेंदर बेरवाल ने 90 किलोग्राम वेट कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता था.
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भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियन गेम्स में एक सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते. नागोया में भारत अब तक तीन ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है. वहीं लवलीना बोरगोहेन, परवीन हुड्डा (65 किलोग्राम) और अंकुश पंघाल (80 किलोग्राम) फाइनल में पहुंचकर सिल्वर मेडल पक्का कर चुके हैं.
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