अर्जेंटीना की महिला हॉकी टीम ने को-होस्ट नीदरलैंड्स का लगातार चौथी बार वर्ल्ड कप जीतने का सपना तोड़ते हुए खिताब अपने नाम कर लिया. 29 अगस्त को नीदरलैंड्स के एम्सटलवीन के वैगनर स्टेडियम में FIH विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप फाइनल खेला गया. दोनों टीमें निर्धारित समय तक 1-1 की बराबरी पर रहीं. मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा, जहां अर्जेंटीना ने बाजी मारते हुए नीदरलैंड्स को 3-1 से मात दी और वर्ल्ड चैंपियन बन गई.
अर्जेंटीना की महिला टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप जीता, फाइनल में 9 बार के चैंपियन नीदरलैंड्स को धोया
Argentina की महिला हॉकी टीम ने वर्ल्ड कप जीत लिया है. फाइनल में उसने 9 बार की चैंपियन Netherlands को हराया. मैच टाइम में दोनों टीमों ने 1-1 गोल किया था. लेकिन, पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना ने बाजी मार ली.

इस खिताबी जीत के बाद, अर्जेंटीना ने डच टीम से पिछले फाइनल की हार का बदला चुका लिया. इससे पहले 2022 विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप फाइनल में नीदरलैंड्स ने अर्जेंटीना को 3-1 से हराया था. टोक्यो ओलंपिक में भी नीदरलैंड्स ने गोल्ड मेडल मैच में अर्जेंटीना को 3-1 से शिकस्त दी. यह अर्जेंटीना की विमेंस हॉकी टीम का तीसरा वर्ल्ड कप है. इससे पहले उसने 2002 और 2010 में खिताब जीता था.
पहले क्वार्टर में नहीं हुआ गोलविमेंस हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली. पहले क्वार्टर में दोनों टीमों ने गोल करने में पूरी ताकत झोंक दी. लेकिन, दोनों ही टीमें गोल करने में नाकाम रहीं. पहले क्वार्टर में अर्जेंटीना और नीदरलैंड्स का डिफेंस काफी मजबूत दिखा.
खिताबी मुकाबले का पहला गोल दूसरे क्वार्टर में आया. 30वें मिनट में नीदरलैंड्स को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला. इस दौरान दुनिया की नंबर-1 ड्रैग फ्लिकर यब्बी यानसेन ने बेहतरीन ड्रैग फ्लिक लगाकर गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया. उनके इस गोल से नीदरलैंड्स मैच में 1-0 से आगे हो गया. यह यब्बी का टूर्नामेंट में आठवां गोल था.
ग्रानाटो ने किया बराबरी का गोलपहले हाफ में नीदरलैंड्स की टीम 1-0 से आगे रही. इसके बाद, तीसरे क्वार्टर का खेल शुरू हुआ. अर्जेंटीना ने नीदरलैंड्स पर प्रेशर बनाया. उसे 33वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला. लेकिन, अर्जेटीना की टीम पेनल्टी कॉर्नर पर गोल नहीं कर सकी.
टीम ने अपना अटैक जारी रखा. 2 मिनट बाद अर्जेंटीना को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला. नीदरलैंड्स की प्लेयर्स ने अर्जेंटीना की कप्तान मारिया ग्रानाटो को सर्कल के भीतर बाधा पहुंचाई, जिसके चलते पेनल्टी कॉर्नर दिया गया. इस पेनल्टी कॉनर पर भी अर्जेटीना गोल नहीं कर सका. नीदरलैंड्स की अनुभवी गोलकीपर एन्ने वीनेंनडाल ने आगे आकर बेहतरीन सेव किया.
अर्जेंटीना को तीसरे क्वार्टर के लास्ट दो मिनट में लगातार 2 पेनल्टी कॉर्नर मिले. लेकिन, दोनों पेनल्टी कॉर्नर पर अर्जेंटीना की गोरजेलानी गोल करने में नाकाम रहीं. तीसरा क्वार्टर बगैर गोल के खत्म हुआ.
चौथे क्वार्टर में अर्जेंटीना की वापसीचौथे क्वार्टर में अर्जेंटीना ने फिर हमला बोला. टीम को बराबरी पर आने के लिए एक गोल की दरकार थी. आखिरकार मैच के 54वें मिनट में अर्जेंटीना को सफलता मिली. उसे पेनल्टी कॉर्नर दिया गया. मैच में यह अर्जेंटीना का आठवां पेनल्टी कॉर्नर था. अर्जेटीना की गोरजेलानी की फ्लिक को रोकने के प्रयास में नीदरलैंड्स की गोलकीपर एन्ने वीनेंनडाल फिसल गईं.
इस बीच गोल के दाहिने तरफ खड़ीं अर्जेंटीना की कप्तान ग्रानाटो ने रिबाउंड पर गेंद को गोल के भीतर पहुंचा दिया. उनके इस गोल से अर्जेंटीना ने 1-1 की बराबरी कर ली. इसके बाद, मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में खिंच गया.
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पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना ने बाजी मारीपेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना की टीम नीदरलैंड्स पर भारी पड़ी. उसने डच टीम पर प्रेशर बनाए रखा. पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना के लिए विक्टोरिया ग्रानाटो, ब्रिसा ब्रगेसेर और सोफिया काइरो ने गोल किए. जबकि, डियाज जो का गोल अमान्य करार दिया गया. नीदरलैंड के लिए वीन मारिन ने एक गोल दागा. जबकि, पियेन सैंडर्स, फेलिस अल्बर्स और मोएस फ्रीके सही निशाना नहीं लगा पाईं.
इस तरह पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड्स को 3-1 से हराकर वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया. जबकि, इस हार के बाद, नीदरलैंड्स की महिला टीम का 10वीं बार वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया.
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