फेस्टिव सीजन में शॉपिंग और परिवार के साथ बाहर खाना-पीना कॉमन है. अगर फैमिली के साथ बाहर खाना खाने का प्लान बना रहे हैं, तो जेब ढीली करने के लिए तैयार रहिए. अगले 8-10 दिनों में पूरे महाराष्ट्र में बाहर खाना और महंगा हो सकता है. रेस्टोरेंट्स अपने मेन्यू की कीमतें 10-15% बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं. जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में दिल्ली समेत दूसरे शहरों में रेस्तरां मालिक अपने मेन्यु की कीमतों में बदलाव कर सकते हैं.
फेस्टिव सीजन में रेस्टोरेंट में लंच-डिनर करना होगा महंगा, अब 15% तक ज्यादा आएगा बिल
कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होने और रेस्तरां के किराये में बढ़ोतरी का असर अब खाने-पीने की चीजों की कीमत पर भी पड़ रहा है. फेस्टिव सीजन में अगर रेस्टोरेंट में खाने की सोच रहे हैं, तो बढ़े हुए बिल के हिसाब से पैसे चुकाने के लिए तैयार रहना होगा.

बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट में द टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से बताया गया है कि इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (AHAR) ने इसके संकेत दिए हैं. AHAR ने कहा कि यह बढ़ोतरी रॉ मैटेरियल की कीमतों, कमर्शियल LPG, रेस्तरां के किराया, दूध-दही पनीर वगैरा के दाम बढ़ने की वजह से हो सकती है. इसके अलावा रेस्तरां मालिकों को अपने यहां फूड-सेफ़्टी स्टैंडर्ड्स जैसे कि साफ-सफाई पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है. इसके चलते दिवाली से पहले मेन्यु की कीमतें बढ़ना तय है.
रिपोर्ट के मुताबिक इस बढ़ोतरी का असर खाने-पीने के सामान, ब्रेकफास्ट, डिनर और ऑनलाइन फूड-डिलीवरी ऑर्डर्स सब पर पड़ सकता है. इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक 10-15% की बढ़ोतरी का असर दिखेगा. उदाहरण के लिए 80 रुपये वाली इडली लगभग 88-92 रुपये और 90 रुपये वाला सादा डोसा लगभग 99-104 रुपये हो जाएगा. हालांकि, यह बढ़ोतरी एक जैसी नहीं होगी. हर रेस्टोरेंट अपने कॉस्ट स्ट्रक्चर, लोकेशन और बिजनेस मॉडल के आधार पर मेन्यू प्राइस में बदलाव तय कर सकते हैं.
रेस्टोरेंट मालिकों ने कहा कि हाल के महीनों में इनपुट कॉस्ट तेजी से बढ़ी है. इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने सब्ज़यों, अनाज, दालों, खाने के तेल, मसालों और कमर्शियल गैस की कीमत में बढ़ोतरी हुई है. इसके अलावा, खाना परोसने वाले स्टॉफ और मेंटनेंस की बढ़ती लागत भी एक वजह है. ज्यादा ओवरहेड्स भी मुनाफे पर असर डाल रहे हैं. रेस्तरां मालिकों ने किराया, स्टाफ का खर्च, सफाई के सामान, स्टाफ की ट्रेनिंग और बेहतर साफ-सफाई के तरीकों को एक्स्ट्रा खर्च बताया. खासकर तब जब बिजनेस बदलते फ़ूड-सेफ़्टी स्टैंडर्ड्स के हिसाब से ढल रहे हैं.
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रॉ मटेरियल की कीमतों में इजाफा भी वजहअलग-अलग हॉस्पिटैलिटी एसोसिएशन के रिप्रेजेंटेटिव ने कहा, "रॉ मटेरियल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी के कारण रेस्टोरेंट अगले आठ से 10 दिनों में मेन्यू की कीमतें 10-15% तक बढ़ा देंगे." उन्होंने यह भी कहा कि दिवाली तक पूरी इंडस्ट्री में बदलाव पूरे होने की उम्मीद है. इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विजय के शेट्टी ने कहा कि क्वालिटी और सर्विस स्टैंडर्ड को बनाए रखते हुए एक्स्ट्रा खर्च का एक हिस्सा रिकवर करना हमारा उद्देश्य है.
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के पुणे चैप्टर हेड सैली जहागीरदार ने कहा कि एक्साइज फीस में बदलाव का असर दिखेगा. इसकी वजह से रेस्टोरेंट अल्कोहलिक ड्रिंक्स की कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं. जहांगीरदार ने कहा, “रॉ मटेरियल सिर्फ़ बढ़ ही नहीं रहे हैं, बल्कि तेज़ी से बढ़ रहे हैं. हम अगले 8-10 दिनों में आसानी से मेन्यू में बदलाव होते हुए देख सकते हैं. प्रस्तावित बढ़ोतरी मौजूदा प्राइस रेंज के 10-15% के बीच कहीं भी हो सकती है.”
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