रायडू के भविष्य पर कई सवाल हैं अब.
एक दौरा था. 2002-2004 के बीच का. इंडियन सीनियर क्रिकेट टीम में एक खिलाड़ी की चर्चा हो रही थी. नाम अंबती रायडू. वो 2004 की अंडर-19 टीम के कप्तान थे और सौरव गांगुली के मुंह से इस खिलाड़ी के बारे में सुना था. मगर टीम इंडिया में शामिल होते होते इस खिलाड़ी को 10 साल लग गए. कई रणजी टीमें बदलीं, उधर आईसीएल से भी होकर लौट आए थे. यहां इंडिया के लिए 2015 वर्ल्ड कप टीम की तैयारियों के बीच अंबती रायडू का नाम घूमने लगा था. वो अच्छा खेल रहे थे औऱ वर्ल्ड कप टीम में सलेक्ट भी हो गए. मगर वर्ल्ड कप में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला.
टीम से बाहर हुए. फिर दोबारा वापिस आए 2019 के वर्ल्ड कप की तैयारियों के बीच. 6 महीने पहले एशिया कप की टीम में वापसी की. कप्तान विराट कोहली ने कहा कि अंबती रायडू ही वो खिलाड़ी हैं जो इंडिया के लिए नंबर 4 पर फिट होते हैं. रायडू फिर जुट गए वर्ल्ड कप में खेलने का सपना लिए. वनडे क्रिकेट पर फोकस करने के लिए अंबती रायडू ने रेड बॉल क्रिकेट यानी डोमेस्टिक क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया. फिर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में रायडू कुछ खास नहीं कर पाए और कोहली ये कहते सुने गए कि इंडिया को अपनी नंबर 4 पॉजिशन के लिए कुछ सोचना होगा. 6 महीने बाद जब 2019 वर्ल्ड कप की टीम का ऐलान हुआ तो रायडू का नाम यहां से गायब था. सबसे हैरानी की बात ये कि 34 साल के रायडू ने अभी तक करियर में 55 वनडे खेले हैं और इनमें से 44 वनडे 2015 और 2019 वर्ल्ड कप की तैयारियों में खेले हैं. ये अंबती रायडू के लिए किसी झटके से कम नहीं है.
2019 वर्ल्ड कप टीम में रायडू की जगह विजय शंकर को जगह मिली है. टीम में नंबर चार के लिए ये दो दावेदार थे. 15 अप्रैल को इंडियन टीम की घोषणा हुई और उसके कुछ ही देर बाद आईसीसी की तरफ से एक ट्वीट करके सवाल किया गया कि आखिरी इंडियन टीम में इस प्लेयर को जगह क्यों नहीं मिली जबकि वो बैटिंग एवरेज के मामले में सचिन तेंडुलकर से भी आगे है. इंडिया की तरफ से बैटिंग एवरेज के मामले में विराट कोहली (59.37) सबसे आगे हैं. उनके बाद एमएस धोनी (50.37), रोहित शर्मा (47.39) और फिर अंबती रायडू (47.05) का नंबर है. तेंडुलकर (44.83) की एवरेज अंबती रायडू से भी कम हैं. इसलिए अंबती रायडू को टीम में जगह न मिलना कइयों के लिए चौंकने की बात है. 2018 आईपीएल सीजन में इस प्लेयर ने जबरदस्त फॉर्म दिखाई थी और उसी के बूते टीम इंडिया में वापसी हुई थी. पहले एशिया कप में खेले और फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ होम सीरीज में भी जगह मिली. पिछले साल सितंबर में हुए एशिया कप से लेकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होम सीरीज तक कुल 24 मैच हुए हैं और 21 में रायडू टीम में रहे हैं. इनमें इस राइड हैंडर ने एक शतक और चार अर्धशतक मारे हैं. इंडियन ड्रेसिंग रूम में वो बीते 24 मैचों में रन बनाने के मामले में चौथे नंबर पर हैं.

विजय शंकर ने बाजी मारी है.
अब खुद रायडू और उसको चाहने वाले ये सोच रहे हैं कि रायडू अपनी वजह से बाहर हुआ हैं या विजय शंकर के चलते वो टीम से बाहर हुए. चीफ सलेक्टर एमएसके प्रसाद ने कहा कि विजय शंकर की टीम में जगह उनकी थ्री-डाइमेंशनल यूटिलिटी के चलते बनी है. यानी ये खिलाड़ी बैटिंग करता है, मीडियम फास्ट बॉलिंग करता है और फील्डिंग में भी चुस्त है. वहीं दूसरी तरफ रायडू बैटिंग करते हैं, गड़बड़ एक्शन की वजह से बॉलिंग नहीं कर रहे हैं और फील्डिंग में भी फिट नहीं हैं. इंग्लैड दौरे पर वो इसलिए नहीं जा पाए थे क्योंकि यो-यो टेस्ट में फेल हुए थे. ऐसे में रायडू की जगह विजय शंकर ले गए. किसी को नहीं पता है कि अंबती रायडू का आगे क्रिकेट करियर किस और बढ़ेगा. इतना जरूर है कि ये खिलाड़ी टैलंटेड है और वर्ल्ड कप में न चुना जाना, एक झटका है जिससे बिना प्रभावित हुए वो बाहर निकल जाएगा.
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