2. छक्का जिसे देखने की ज़रूरत भी न समझी न्यूज़ीलैंड. बहुत अच्छे से याद है. बारहवीं के बोर्ड चल रहे थे. उसी दिन ये मैच आया था. धोनी ने गजब शॉट मारा और गेंद ऐसे निकली की बन्दूक से निकली गोली भी शर्मा जाए. और धोनी ऐसा ढीठ कि गेंद की तरफ देखना भी मुनासिब नहीं समझा. नीचे ही देखता रहा. मानो शब्दवेधी बाण चलाया हो. निशाने पर जाकर लगेगा ही. https://www.youtube.com/watch?v=lpEoOr_vJm0
3. एक का दो बोलो! एक का दो बोलो! बोलो बोलो धोनी बोलो! इंग्लैंड. पीछे शॉट मारा. कीपर मैट प्रायर ने गेंद विकेट पे फेंकी. लग भी गयी. लेकिन आस पास कोई नहीं था. धोनी दौड़ पड़े. रैना भी. एक रन मिला. लेकिन अभी तक गेंद लेने कोई नहीं आया था. धोनी ने दूसरा रन भी ले लिया. जहां एक भी नहीं थ वहां दो-दो रन ले लिए. इतनी तेज़ आदमी तभी भागता है जब प्रेशर आया हो और घर जा रहा हो. https://www.youtube.com/watch?v=YvtfUTdb8o0
4. शांतचित और आक्रामकता का बेहतरीन समागम - धोनी अन्ना! चेन्नई सुपर किंग्स. किंग्स इलेवेन पंजाब. 54वां मैच. धर्मशाला के मैदान पर. चेन्नई को आखिरी ओवर में 16 रन बनाने थे. प्रेशर सिचुएशन. सामने इरफ़ान पठान. टी-20 स्पेशलिस्ट. डेथ बॉलिंग स्पेशलिस्ट. धोनी पहली गेंद पर चौवा मारते हैं. दूसरी पर डबल. और तीसरी और चौथी पर छक्के. मैच खतम. धोनी के लिए एक आम दिन. बस जो आम नहीं था वो था उस रोज़ टार्गेट अचीव कर लेने के बाद धोनी का रिऐक्शन. वो चीखते हैं. चिल्लाते हैं. अपने आप को रोकने की कोशिश भी करते हैं. मगर दिर भी उनका अड्रनलिन शांत नहीं होने दे रहा था. वो खुद को मुक्के मारते हैं. हेलमेट उतारते हैं. और कुछ कहने लगते हैं कि तब तक टीम के प्लेयर्स आकर उन्हें घेर लेते हैं. धोनी का ये रूप कभी ही कभी देखने को मिलता है. https://www.youtube.com/watch?v=OxuelxelhMg
5. हेलीकॉप्टर शॉट के अनगिनत ऑर्गाज्म मलिंगा की फुल लेंथ गेंद. यॉर्कर होने से बस दो अंगुल दूर. धोनी बैकफुट पर और बल्ले का घूमना, कलाइयों की कसरत और गेंद फ़्लैट सिक्स. मन में शॉट की प्रशंसा को उसके श्रृंगार की खातिर कई विशेषण कौंध जाते हैं. बस बाप रे! कहकर काम चलाना पड़ता है. मलिंगा खींसें निपोर देते हैं. दुनिया तमाशा देख रही होती है. https://www.youtube.com/watch?v=i0zAfxKsHSo














