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नरोत्तम मिश्रा नामांकन का पर्चा भी खरीद लिए थे, फिर बीजेपी ने टिकट क्यों काट दिया?

मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में बीजेपी ने Narottam Mishra का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है. पार्टी आलाकमान ने नरोत्तम की कमजोर स्थिति की वजह से यह फैसला लिया.

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बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

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  • मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है, जो पार्टी के आंतरिक सर्वे और संगठनात्मक मूल्यांकन पर आधारित निर्णय था।
  • इस बदलाव का कारण दिल्ली में कराए गए सर्वे में नरोत्तम मिश्रा की लोकप्रियता और स्थानीय संगठन की मजबूती कमजोर पाई जाना है, साथ ही नई राजनीतिक स्वीकार्यता को ध्यान में रखा गया।
  • इस निर्णय के बाद दतिया में बीजेपी समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है तथा नागरिक सुरक्षा संहिता लागू की गई।
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रवीश पाल सिंह

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बना दिया. यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती की विधायकी जाने के बाद से नरोत्तम मिश्रा लगातार दतिया में एक्टिव थे और दावेदारी को लेकर इतने निश्चिंत थे कि नामांकन का पर्चा तक ले लिया था.

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क्यों कटा नाम?

आजतक से जुड़े रवीश पाल सिंह के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि दिल्ली स्तर पर कराए गए सर्वे में उनकी स्थिति उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं पाई गई. केंद्रीय नेतृत्व ने सिर्फ लोकप्रियता को नहीं बल्कि स्थानीय संगठन की मजबूती और भविष्य की राजनीतिक स्वीकार्यता को भी परखा, जिसके बाद सभी पैमानों पर सही मिलने पर आशुतोष तिवारी को टिकट दे दिया गया. आशुतोष तिवारी के पास संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है और वे बीजेपी के पूर्व संभागीय संगठन मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.

नया पावर सेंटर बनने से बचना चाहती थी बीजेपी

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पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टिकट बदलने के पीछे केवल चुनावी गणित नहीं बल्कि सत्ता संतुलन भी बड़ी वजह हो सकता है. नरोत्तम मिश्रा अगर उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचते तो उनके मंत्री बनने और महत्वपूर्ण विभाग मिलने की संभावनाएं थी. जाहिर है कि इससे बीजेपी और सरकार में एक नया ‘पावर सेंटर’ बनता.

मध्य प्रदेश बीजेपी में पहले से सीएम मोहन यादव के अलावा शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह और नरेंद्र सिंह तोमर जैसे कई ‘पावर सेंटर’ हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी आलाकमान किसी नए शक्ति केंद्र के बनने से बच रहा था और इसी रणनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए आशुतोष तिवारी को टिकट दिया.

ब्राह्मण समीकरण भी रहा अहम

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बीजेपी ने एक ब्राह्मण नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर दूसरे ब्राह्मण आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है. इससे जातिगत और सामाजिक संतुलन वैसा ही है, जैसा पहले था.

ये भी पढ़ें: BJP से नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर समर्थकों का बवाल, पुलिस पर पत्थरबाजी में SP-ASP घायल, 15km जाम

क्यों हो रहा उपचुनाव?

2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को करीब 7,000 वोटों से हराया था. लेकिन कोऑपरेटिव बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक बेहद पुराने आपराधिक मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली की एक अदालत ने राजेंद्र भारती को 3 साल की कैद की सजा सुना दी. इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई और उपचुनाव की नौबत आ गई.

इस बार पार्टी ने आंतरिक फीडबैक और सर्वे के आधार पर उम्मीदवार बदलते हुए आशुतोष तिवारी को टिकट दिया, जिसके बाद दतिया में बीजेपी के भीतर विरोध खुलकर सामने आ गया. शनिवार, 11 जुलाई तड़के नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है. हालात को देखते हुए दतिया में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है.

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