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ऑपरेशन टाइगर कामयाब रहा... फडणवीस ने बताया उद्धव गुट की शिवसेना में तगड़ी टूट हुई

CM Devendra Fadnavis ने Operation Tiger को कामयाब बताया, जिससे Shiv Sena (UBT) में बड़ी फूट के दावे और मजबूत हुए. कुछ घंटे पहले ही शिवसेना (UBT) यानी उद्धव गुट के दो सांसदोंं ने एकनाथ शिंदे के खेमे में जाने की पुष्टि की.

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सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 'ऑपरेशन टाइगर' पर प्रतिक्रिया दी. (PTI)

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  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 21 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'ऑपरेशन टाइगर' की सफलता की घोषणा की जिसमें शिवसेना (UBT) के दो सांसदों का एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट में शामिल होना शामिल था।
  • उद्धव ठाकरे के शिवसेना (UBT) गुट में विद्रोही सांसदों की संख्या बढ़ने के बाद एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट ने इन्हें अपने पाले में लाने के लिए 'ऑपरेशन टाइगर' की शुरुआत की, जिससे पार्टी में अंदरूनी मतभेद बढ़े।
  • दो बागी सांसदों के शामिल होने से शिवसेना (UBT) के सांसद घटकर सात रहेंगे और उद्धव ठाकरे के राजनीतिक दबाव में कमी आ सकती है, जिससे पार्टी के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।

'ऑपरेशन सफल रहा. शरीर भी स्वस्थ है.' इस बयान के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 'ऑपरेशन टाइगर' की कामयाबी का ऐलान कर दिया है. 21 जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम फडणवीस ने यह घोषणा शिवसेना (उद्धव गुट) के दो बागी नेताओं के पार्टी छोड़ने के पक्के इरादे के बाद कही. उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के दोनों बागी सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थामने का मन बना चुके हैं.

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2022 के बाद पहली बार एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को बड़ी चुनौती दी है. तब शिंदे ने शिवसेना तोड़कर अलग शिवसेना बना ली थी और उद्धव ठाकरे को सरकार गंवानी पड़ी थी. शिवसेना (UBT) के सांसदों की कुल संख्या 9 है. अगर दो सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे कैंप में जाते हैं, तो सांसदों की संख्या 7 रह जाएगी. परेशानी यह है कि उद्धव ठाकरे के 4 अन्य सांसदों के भी पार्टी छोड़ने के कयास हैं. ऐसे में महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के पास सिर्फ 3 सांसद ही बचेंगे.

'ऑपरेशन टाइगर' क्या है?

एकनाथ शिंदे की शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसदों को तोड़कर अपने पाले में लाने की कथित कोशिश को 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया गया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर सवाल किया गया.

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जवाब में सीएम फडणवीस ने ऑपरेशन को कामयाब बताया, जिससे शिवसेना (UBT) में बड़ी फूट के दावे और मजबूत हुए. कुछ घंटे पहले ही शिवसेना (UBT) यानी उद्धव गुट के हिंगोली सीट से सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर और धाराशिव सीट से सांसद ओमराजे निंबालकर ने एकनाथ खेमे में जाने की पुष्टि की.

उद्धव ठाकरे ने जनता से माफी मांगी

शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), एकनाथ शिंदे कैंप और बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला. उद्धव ने जोर देकर कहा कि केवल एक ही शिवसेना है. उन्होंने बागी सांसदों के बारे में कहा कि लोगों ने उन्हें शिवसेना और मशाल के निशान की वजह से चुना था. उद्धव ने लोगों से माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें हमारे उम्मीदवार होने की वजह से चुना गया था. बाद में उद्धव ने बागियों को उम्मीदवार चुनने में गलती के लिए जनता से माफी मांगी.

इस बीच, शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने संकेत दिया कि और भी लोग शिवसेना (UBT) छोड़ सकते हैं. उन्होंने कहा, "आपको जल्द ही ब्रेकिंग न्यूज मिलेगी. हम अधूरे या कच्चे प्लान पर काम नहीं करते. हम जो भी करते हैं, वह पूरी तरह पक्का और अचूक होता है."

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रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ​​लिखा गया कि नागेश पाटिल आष्टीकर और ओमराजे निंबालकर उन छह बागी शिवसेना (UBT) सांसदों में शामिल हैं, जिनके सोमवार, 22 जून को दोपहर 3 बजे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की संभावना है.

यह भी पढ़ें: 'उद्धव से नाराज नहीं, पर...', शिंदे गुट में जा रहे शिवसेना सांसद ने पार्टी छोड़ने की वजह बता दी

शिवसेना (UBT) के अन्य बागी सांसदों में संजय जाधव, संजय देशमुख, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हो सकते हैं. इन सभी ने 17 जून को दिल्ली में हुई शिवसेना (UBT) संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था, जिससे उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हो गई थीं.

वीडियो: नेतानगरी: उद्धव ठाकरे की किस बात ने शिंदे को 'बागी' बना दिया? जानिए 'ऑपरेशन टाइगर' की इनसाइड स्टोरी

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