पोस्टमॉर्टम प्रोटोकॉल में बदलाव को सरकार ने अधिसूचित कर दिया है. अब किसी भी समय शव परीक्षण करने की अनुमति दे दी गई है. भले ही प्राकृतिक रोशनी हो या नहीं. हालांकि, ये इस पर निर्भर करेगा कि जिस अस्पताल में ऑटप्सी की जानी हो, वहां उपयुक्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध है या नहीं. प्रोटोकॉल में कहा गया है कि अंगदान के लिए पोस्टमॉर्टम प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए और सूर्यास्त के बाद भी उन अस्पतालों में किया जाना चाहिए, जिनके पास नियमित रूप से इस तरह के पोस्टमॉर्टम के लिए बुनियादी ढांचा मौजूद हैं. देखिए वीडियो.
पोस्टमॉर्टम से जुड़े प्रोटोकॉल में बदलाव, नए नियमों से ऑर्गन डोनेशन को बढ़ावा मिलेगा
अब किसी भी समय शव परीक्षण करने की अनुमति दे दी गई है.
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