AFSPA को बदलने रखने का वादा करने वाली कांग्रेस और बीजेपी फायदे के लिए बदल जाती हैं?
इस कानून के तहत आर्मी बिना वारंट किसी को भी अरेस्ट कर सकती है.
Advertisement
कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में AFSPA की धाराओं की समीक्षा करने का वादा किया है, जो कश्मीर से जुड़ा था. AFSPA, वही क़ानून जिसके खिलाफ मणिपुर की इरोम शर्मिला ने 16 साल भूख हड़ताल की थी. ये साल 1958 में पास किया गया क़ानून है. इसके तहत पहले सिर्फ पूर्वोत्तर में सुरक्षा-बलों को विशेषाधिकार मिले थे. जुलाई 1990 के बाद इसे जम्मू-कश्मीर में भी लागू किया गया. इसके तहत आर्मी बिना वारंट किसी को भी अरेस्ट कर सकती है. किसी भी वाहन को जांच के लिए रोक सकती है. किसी की संपत्ति भी ज़ब्त की जा सकती है. बड़ी खबर में देखिए इसे लेकर इतनी बहसबाजी क्यों हो रही है.
Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)











