आधुनिक दौर में इस पंक्ति को अगर किसी ने सबसे अधिक आत्मसात किया है तो वो रूस है. विघटन से पहले रूस सोवियत संघ की शक्ति का केंद्र था. सोवियत संघ के अंतिम शासक थे, मिख़ाइल गोर्बाचोव. उन्हें ग्लासनोस्त यानी खुलेपन और पेत्रेस्त्रोइका यानी पार्टी के अंदर बदलाव की नीति लाने के लिए जाना जाता है. उसी दौर में एक संस्था की नींव रखी गई थी. जिसका मकसद सोवियत संघ के उस सच को बाहर लाना था, जो बरसों तक दुनिया से छिपाकर रखा गया. इस संस्था का नाम था, मेमोरियल इंटरनैशनल. मेमोरियल इंटरनैशनल की पूरी कहानी क्या है? इसने रूस का कौन सा सच उघाड़ दिया था? और, मेमोरियल इंटरनैशनल पर अब ताला क्यों लगा दिया गया? देखें वीडियो.
दुनियादारी: रूस ने स्टालिन का सच उजागर करने वाली संस्था पर ताला क्यों लगाया?
मेमोरियल इंटरनैशनल की पूरी कहानी क्या है?
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