कोरोना महामारी के दौरान लगाए गए लॉकडाउन की वे तस्वीरें आपको याद होंगी, जिनमें लाचार प्रवासी मज़दूर हजारों किलो मीटर तक पैदल चलते नजर आ रहे थे. लॉकडाउन के बाद जब संसद सत्र शुरू हुआ, तो इसे लेकर खूब हंगामा कटा, बात बढ़ी और फिर विपक्ष ने सरकार से पूछा लिया कि कोरोना महामारी की वजह से कितने लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है? सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं था. देखें वीडियो.
ई-श्रम पोर्टल पर सरकार ने 38 करोड़ मज़दूरों का टार्गेट सेट किया है, पर ये डेटा कहां से आया?
कैसे पता लगा कि देश के असंगठित क्षेत्र में 38 करोड़ मजदूर हैं?
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