युमनाम खेमचंद मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री होंगे. दिल्ली में हुई विधायकों की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया. एन बीरेन सिंह के इस्तीफ केे बाद राज्य में खेमचंद को राज्य के नेतृत्व के लिए चुना गया है. 9 फरवरी, 2025 को राज्य में लंबे समय तक चली जातीय हिंसा के बीच एन बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था. कुछ ही दिनों बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था.
युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के अगले सीएम होंगे
दिल्ली में हुई विधायकों की बैठक में Yumnam Khemchand Singh को विधायक दल का नेता चुना गया.


मणिपुर के बीजेपी विधायकों की बैठक आज शाम BJP मुख्यालय में हुई. इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले BJP के महासचिवों की एक अलग बैठक गृह मंत्री के साथ BJP के एक्सटेंशन कार्यालय में होने की खबर आई. आजतक से जुड़े ऐश्वर्या की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, संगठन महासचिव बीएल संतोष और राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल भी मौजूद रहे.
कौन हैं युमनाम खेमचंद?युमनाम खेमचंद का पार्टी में कद क्या है, इसे एक वाकये से समझा जा सकता है.
3 फरवरी, 2025. मणिपुर ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री युमनाम खेमचंद सिंह नई दिल्ली में थे. बीरेन सिंह के धुर विरोधी खेमचंद ने दिल्ली में बीजेपी नेतृत्व के साथ मीटिंग की. मीटिंग में खेमचंद ने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री को नहीं बदला गया तो सरकार गिर सकती है. 6 दिन बाद बीरेन सिंह को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. इस मीटिंग के ठीक एक साल यानी आज युमनाम खेमचंद मणिपुर के नए मुख्यमंत्री चुन लिए गए हैं.
खेमनाम दो बार मणिपुर विधानसभा के सदस्य चुने जा चुके हैं. 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में सिंगजामेई (Singjamei) सीट से चुने गए. यह सीट राजधानी क्षेत्र इंफाल से जुड़ा महत्वपूर्ण इलाके में ही आती है.
Yumnam Khemchand Singh पहली बार मार्च 2017 में खास तौर पर चर्चा में आए, जब उन्हें मणिपुर विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया. उन्होंने यह पद पूरे पांच साल, यानी 2022 तक संभाला. 2022 के विधानसभा चुनावों के बाद उन्हें दूसरी एन बीरेन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया. उन्हें नगर प्रशासन एवं आवास विकास (MAHUD), ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज और शिक्षा जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी दी गई. इन विभागों में रहते हुए वे शहरी प्रशासन सुधारों, ग्रामीण विकास योजनाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कामों में सक्रिय रूप से शामिल रहे.
युमनाम खेमचंद सिंह फरवरी 2025 तक कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य करते रहे. इसके बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. अब जब नई सरकार का गठन हो रहा है तो खेमचंद मुख्यमंत्री चुन लिए गए हैं.
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