उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर में बिजली विभाग के एक कर्मचारी ने ड्यूटी के दौरान आत्महत्या कर ली. मृतक शुभम कुमार के खिलाफ फर्जी अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करके नौकरी लेने का आरोप था. शिकायत दर्ज होने के कुछ हफ्ते बाद उन्होंने ये कदम उठाया. 28 साल के शुभम कुमार बिजली विभाग में सब स्टेशन ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे थे.
फर्जी SC सर्टिफिकेट से नौकरी पाने का आरोप लगा, सरकारी कर्मचारी ने जान दे दी, अब पुलिस ने क्या बताया?
Shubham Kumar बिजली विभाग में Sub Operator के पद पर थे. कुछ हफ्ते पहले उनके खिलाफ फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जमा करके नौकरी हासिल करने के आरोप लगे थे. उनके पिता ने बताया कि शुभम इन आरोपों के चलते बेहद परेशान थे.


इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया,
पीड़ित शुभम ने मुजफ्फरनगर के तितवाई स्थित बिजली विभाग के सब-स्टेशन के कंट्रोल रूम में आत्महत्या कर ली. घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है. कथित तौर पर शुभम ने इसमें स्वीकार किया है कि उन्होंने नौकरी के लिए फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया था.
हालांकि पीड़ित के पिता अनिल कुमार ने पुलिस के इस दावे का खंडन किया है. उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद शुभम बेहद परेशान हो गए थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया.
अनिल कुमार ने आरोप लगाया,
तीन लोग पिछले चार साल से मेरे बेटे को ब्लैकमेल कर रहे थे. हम उन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाले हैं.
शुभम के परिवार में उनकी पत्नी और डेढ़ साल का एक बेटा है.
पुलिस ने बताया कि 1 जनवरी को तड़के उनको एक व्यक्ति की मौत की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और आगे की जांच के लिए शव को कब्जे में ले लिया. शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने बताया,
पीड़ित के साथ सब स्टेशन पर कई लाइनमैन मौजूद थे. उन सबके फील्डवर्क के लिए जाने के कुछ मिनटों बाद, पीड़ित शुभम कंट्रोल रूम में गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया. इसके बाद उन्होंने चाबी बाहर फेंक दी और कथित तौर पर कमरे के अंदर सुसाइड कर लिया.
पुलिस ने आगे बताया कि जब दूसरे कर्मचारी सब स्टेशन पर पहुंचे तो कंट्रोल रूम का दरवाजा बंद था और चाबी बाहर पड़ी हुई थी. चाबी मिलने पर उन्होंने दरवाजा खोला तो शुभम का शव बरामद हुआ. मौके से एक देसी पिस्तौल भी मिली.
मुजफ्फरनगर ग्रामीण क्षेत्र के एक्जक्यूटिव इंजीनियर बाल किशन ने बताया,
हाल ही में शुभम के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें उन पर फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जमा करके नौकरी हासिल करने के आरोप लगाए गए थे. इस मामले में जांच होनी है.
किशन ने शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति का नाम नहीं बताया. उन्होंने बताया कि शुभम ने साल 2017 में बिजली विभाग में नौकरी शुरू की थी.
वहीं एडिशनल पुलिस सुपरिटेंडेंट (ASP) आदित्य बंसल ने बताया कि अब तक इस मामले में किसी तरह की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला है. उन्होंने आगे बताया कि मौत की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और पीड़ित को परेशान किए जाने का कोई आरोप अभी तक सामने नहीं आया हैं.
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वीडियो: UP पुलिस ने लाइनमैन का चालान काटा, बिजली विभाग ने थाने के 12 अवैध कनेक्शन काट दिए

















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