ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है (US Iran Tension). पिछले एक हफ्ते से अमेरिका ईरान पर हमले का संकेत दे रहा है. इस हमले की आशंका के बीच ईरान में डर और बेचैनी का माहौल है. ईरानियों के मन में यह डर है कि अमेरिका किसी भी वक्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है. अफवाहों और सोशल मीडिया की चर्चाओं ने लोगों की रातों की नींद छीन ली है.
'कभी भी हमला कर सकता है अमेरिका...', ईरान में डर के साये में जी रहे लोग, रातों की नींद उड़ी
US–Iran Tension: अमेरिकी हमले की आशंका के बीच ईरान में डर और बेचैनी का माहौल है. ईरानियों के मन में यह डर है कि अमेरिका किसी भी वक्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है.
.webp?width=360)

मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की राजधानी तेहरान में रहने वाले इंजीनियर मिलाद (43) बताते हैं कि 30 जनवरी की रात वह ठीक से सो तक नहीं पाए. उन्हें हर पल धमाके की आवाज सुनाई देने का डर था. वे बार-बार जागकर यह सुनने की कोशिश करते रहे कि कहीं बम गिरने की आवाज तो नहीं आ रही. उन्होंने बताया,
अब हर रात यही डर बना रहता है. देखते हैं आज रात क्या होता है.
तेहरान के पूर्वी हिस्से में रहने वाली शोहरेह (68) हर सुबह पार्क में कसरत करने जाती हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 31 जनवरी की सुबह उन्होंने बताया कि पार्क में मौजूद लगभग सभी लोग यही कह रहे थे कि हमला आज रात हो सकता है. शोहरेह विदेशी हमले के खिलाफ हैं, लेकिन उनका कहना है कि लोग मानसिक रूप से टूटते जा रहे हैं. उन्होंने बताया, “किसी भी तरह से हालात बदल जाएं, भले ही उसकी कीमत युद्ध ही क्यों न हो.”
अमेरिकी हमलों को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज है. ईरान में लोग खाने-पीने का जरूरी सामान जमा कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते से अमेरिका, ईरान के खिलाफ युद्ध के संकेत दे रहा है. वहीं, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य बेड़े की तैनाती ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है.
यह केवल सैन्य तनाव नहीं है, बल्कि इसका असर आम लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई दे रहा है. 32 साल की सरकारी कर्मचारी आरजू बताती हैं कि लोग खुलकर युद्ध की बात करने से बच रहे हैं, क्योंकि पिछले साल इजरायल के साथ हुए भीषण संघर्ष की यादें अब भी ताजा हैं.
ये भी पढ़ें: ईरान पर हमला करने वाला है अमेरिका? मिडिल ईस्ट पहुंच चुके हैं US एयरक्राफ्ट कैरियर और वॉरशिप
ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. ये विरोध प्रदर्शन शुरुआत में आम लोगों की नाराज़गी से शुरू हुए थे. इसकी बड़ी वजह यह थी कि दिसंबर 2025 के आखिर में ईरानी मुद्रा की कीमत गिरकर एक डॉलर के मुकाबले 14 लाख से भी नीचे पहुंच गई और महंगाई अपने चरम पर . इसके बाद यह गुस्सा धीरे-धीरे पूरी सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शनों में बदल गया.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप चेतावनी दे चुके हैं कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को मारता है या कैदियों की सामूहिक हत्या करता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब तक 6000 लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हालांकि, ईरान सरकार इन आंकड़ों को गलत बताती है.
वीडियो: दुनियादारी: घेराबंदी पर ईरान देगा ट्रंप को जवाब, अमेरिकी राष्ट्रपति का क्या है प्लान?
















.webp?width=120)

.webp?width=120)