The Lallantop

कौन हैं लक्ष्मण नरसिम्हन, जो स्टारबक्स के नए CEO बनने जा रहे हैं?

पुणे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने वाले नरसिम्हन को कंपनी की तरफ से 10.35 करोड़ का पैकेज दिया गया है. इसके अलावा उन्हें हर साल इसका 200 फीसदी इंसेटिव भी मिलेगा.

Advertisement
post-main-image
लक्ष्मण नरसिम्हन और स्टारबक्स. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

भारत में जन्मे लक्ष्मण नरसिम्हन (Laxman Narasimhan) को कॉफी की दिग्गज कंपनी स्टारबक्स (Starbucks) का अगला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) घोषित किया गया है. वो शुरुआत में कंपनी के अंतरिम CEO हॉवर्ड शुल्त्ज़ (Howard Schultz) के साथ में काम करेंगे, जिसके बाद अगले साल एक अप्रैल को वो ये पद संभालेंगे और बोर्ड में शामिल होंगे.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

55 साल के नरसिम्हन इससे पहले स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े सामान बनाने वाली मल्टीनेशनल कंपनी रेकिट (Reckitt) के CEO थे. यही कंपनी ड्यूरेक्स कॉन्डम, Enfamil बेबी फॉर्मूला और Mucinex कोल्ड सिरप भी बनाती है. इसका मुख्यालय इंग्लैंड के स्लाउ (Slough) में है.

लक्ष्मण नरसिम्हन एक अक्टूबर को अमेरिका स्थित मल्टीनेशनल कॉफी कंपनी स्टारबक्स में शामिल होंगे, जिसका मुख्यालय सिएटल (Seattle) में है. नरसिम्हन का FMCG इंडस्ट्री में काम करने लंबा अनुभव है.

Advertisement

नरसिम्हन का स्टारबक्स में स्वागत करते हुए शुल्त्ज़ ने कंपनी के कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में कहा, 

'वो शक्तिशाली उपभोक्ता ब्रांड बनाने के गहरे अनुभव के साथ एक रणनीतिक और परिवर्तनकारी लीडर हैं.'

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टारबक्स ने कहा है कि नरसिम्हन को सलाना 1.3 मिलियन डॉलर (10.35 करोड़ रुपये) बेसिक सैलरी मिलेगी. इसके साथ ही इस सैलरी की 200 फीसदी राशि के बराबर उन्हें वार्षिक नकद इन्सेन्टिव दिया जाएगा. वहीं उन्हें अपनी मौजूदा कंपनी छोड़ने पर जो नुकसान होगा, उसके मुआवजे के रूप में उन्हें 1.6 मिलियन डॉलर (12.74 करोड़ रुपये) का बोनस दिया जाएगा.

Advertisement
कौन हैं लक्ष्मण नरसिम्हन?

लक्ष्मण नरसिम्हन पुणे विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट हैं. यहां से उन्होंने मेकेनिकल इंजीनियरिंग की थी. इसके बाद उन्होंने पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय के लाउदर इंस्टीट्यूट से जर्मन और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में मास्टर्स की डिग्री ली है. नरसिम्हन ने पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की भी डिग्री ली है.

उन्होंने सितंबर 2019 में रेकिट कंपनी ज्वाइन की थी. उनके आने के बाद कोविड-19 महामारी के दौरान कंपनी के स्वास्थ्य और स्वच्छता उत्पादों की बिक्री में काफी तेजी आई थी. डिटॉल, लाइजॉल, हार्पिक, ड्यूरेक्स, वीट और स्ट्रेपसिल्स जैसे ब्रांड रेकिट कंपनी के ही प्रोडक्ट हैं.

उन्होंने पेप्सीको में वैश्विक मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी के रूप में भी काम किया है और लैटिन अमेरिका, यूरोप और उप-सहारा अफ्रीका में कंपनी के संचालन का नेतृत्व किया है. इस कंपनी में उन्होंने 2012 से लेकर 2019 तक काम किया था.

नरसिम्हन ने कन्सल्टिंग फर्म मैकिन्जी एंड कंपनी में एक सीनियर पार्टनर के रूप में भी काम किया है, जहां उन्होंने अमेरिका, एशिया और भारत में अपने उपभोक्ता, खुदरा और टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स पर काम किया था. नरसिम्हन ने 1993 से लेकर 2012 तक पेप्सिको में कई अलग-अलग पदों पर काम किया और इस दौरान वो इसके डायरेक्टर भी थे.

बीते गुरुवार एक सितंबर को रेकिट ने घोषणा की थी कि लक्ष्मण नरसिम्हन सीईओ का पद छोड़ रहे हैं, जिसके बाद कंपनी के शेयर में 4 फीसदी की गिरावट आ गई थी.

वीडियो: इंडियन नेवी का इन्साइन यानी निशान से मिटा गुलामी का निशान, बदलाव का शिवाजी से क्या लिंक है?

Advertisement