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यूक्रेन के 'पुरुष सैनिकों का रेप' करवा रहा रूस, रिपोर्ट में पीड़ितों ने वजह बताई

Russia पर Ukraine की ओर से लगातार Rape और Sexual Harassment के आरोप लगाए जा रहे हैं. आरोपों के मुताबिक, रूस के सैनिकों ने बंदी बनाए गए यूक्रेनी नागरिकों और सैनिकों के साथ रेप और यौन शोषण जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम दिया है. हालांकि, इन आरोपों पर रूस की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है.

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यूक्रेन ने रूसी सैनिकों पर रेप और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • रूस-यूक्रेन युद्ध में रूस पर यूक्रेनी बंदियों और नागरिकों के यौन उत्पीड़न और म्यूटिलेशन करने के आरोप लगे हैं, जिन्हें रणनीतिक रूप से मनोबल तोड़ने के लिए इस्तेमाल किया गया।
  • यूक्रेन और रूस के बीच करीब साढ़े चार साल से जारी युद्ध में युद्ध अपराधों और यौन उत्पीड़न की रिपोर्टें संयुक्त राष्ट्र और यूक्रेनी जांच अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई हैं।
  • युद्ध के दौरान दर्ज 310 यौन उत्पीड़न मामलों में 280 पुरुष, 26 महिलाएं और 4 लड़कियां पीड़ित हैं, जिससे युद्ध अपराध जांच और संभावित अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया की मांग बढ़ी है।

रूस-यूक्रेन जंग को शुरू हुए करीब साढ़े चार साल हो गए हैं. दोनों ही देश झुकने को तैयार नहीं हैं. हमलों के साथ एक-दूसरे पर गंभीर आरोप भी लगाते हैं. यूक्रेन का आरोप है कि रूस इस जंग में ‘रेप और यौन शोषण को एक हथियार की तरह इस्तेमाल' कर रहा है.

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‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस पर आरोप है कि वो जंग में बंदी बनाए गए यूक्रेनी सैनिकों और नागरिकों का रेप और यौन शोषण करवाता है. यहां तक कि उनके प्राइवेट पार्ट्स को भी म्यूटिलेट करता है. म्यूटिलेट यानी किसी चीज को काटकर या गंभीर चोट पहुंचाकर विकृत कर देना. रिपोर्ट में बताया गया कि ऐसा करना रूस की सोची समझी रणनीति जिसका मकसद यूक्रेन के मनोबल को तोड़ना है.

अमेरिकी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में यूक्रेनी पीड़ितों के इंटरव्यू और संयुक्त राष्ट्र (UN) के उन अधिकारियों के बयानों को शामिल किया, जो इन आरोपों की जांच कर रहे हैं. बताया गया कि रूसी सेना ने खास तौर पर यूक्रेन के पुरुष कैदियों के साथ रेप और यौन उत्पीड़न किया. साल 2022 में जंग शुरू होने के बाद से इसे एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया.

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जंग में शामिल हुए 33 साल के सेरही बायचुक को रूसी सेना ने बंदी बना लिया था. सेरही ने रूसी सेना पर आरोप लगाया कि करीब 2 सालों तक उन्हें मारा-पीटा गया. उनके साथ बोतलों और डंडों का इस्तेमाल करके रेप किया गया. उनके प्राइवेट पार्ट्स पर चाकू से हमला किया गया, जिसकी वजह से वो आज तक सही से नहीं चल पाते.

सेरही ने कहा कि रूसी सैनिक उन्हें ‘मानसिक तौर पर तोड़ना चाहते थे.’ यूक्रेन के और भी बंदियों ने इस तरह के यौन उत्पीड़न के बारे में बताया. बंदियों के साथ हुए इन अपराधों को यूक्रेनी प्रॉसिक्यूटर, खुफिया एजेंसी और UN के जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में दर्ज किया है. अधिकारियों ने ऐसे कई बंदियों के इंटरव्यू किए हैं.

बयानों से पता चला कि रूस जंग में यौन उत्पीड़न को यूक्रेनियों के लिए एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करता था. ऐसे ‘अपराध’ के लिए रूसी सैनिकों को सीनियर अधिकारियों ने मंजूरी ही नहीं दी. बल्कि, इसे शह भी दी. दोनों देशों के बीच चल रही जंग में यूक्रेनी महिलाएं भी रेप की शिकार हुईं. जब जंग शुरू हुई, तो रूसी सेनाओं ने यूक्रेन के गांवों और कस्बों पर कब्जा किया. वहां की महिलाओं के साथ बड़े पैमाने पर रेप और यौन उत्पीड़न जैसे जघन्य अपराध किए गए.

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UN के हवाले से बताया गया कि अब तक जंग में रूसी सैनिकों के खिलाफ 310 यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज किए गए है. इनमें रेप, गैंगरेप, प्राइवेट पार्ट्स को नुकसान पहुंचाना, इलेक्ट्रिक शॉक देना और प्राइवेट पार्ट पर मारने जैसी गंभीर अपराध शामिल हैं. पीड़ितों में 280 पुरुष, 26 महिलाएं और 4 लड़कियां शामिल हैं.

अखबार से बातचीत में पीड़ितों ने बताया कि बंधक बनाने के बाद उन्हें ‘नंगा खड़ा रखा जाता था, परेड करने के लिए मजबूर किया जाता और कुछ लोगों के प्राइवेट पार्ट्स पर इलेक्ट्रिक शॉक भी दिया जाता था.’ कुछ ने यह भी बताया कि उनसे रूसी गार्ड्स कहते थे कि ‘वे यूक्रेनी नागरिकों को बच्चे पैदा करने से रोक देंगे.’

रिपोर्ट में दावा है कि रूस के नेशनल गार्ड के एक सीनियर अधिकारी एलेक्जेंडर नौमेनको ने यूक्रेन के 17 आम नागरिकों का रेप करने का आदेश दिया था. जब ये बात यूक्रेन के एक कोर्ट में पहुंची और पीड़ितों को उस अधिकारी की फोटो दिखाई गई, तो उन्होंने उसे पहचान लिया. 63 साल की गैलिना तिशचेंको ने बताया कि जंग की शुरुआत में ही एक रूसी सैनिक ने बंदूक की नोक पर उनके ही घर में उनके साथ रेप किया था. इसके बाद उसने हाड़ कपा देने वाली ठंड में गैलिना से बिना कपड़ों के सड़कों पर परेड कराई.

अखबार के मुताबिक इन आरोपों पर रूस की कोई टिप्पणी नहीं आई है. उसने पहले भी यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोपों से इनकार किया है. साथ ही ऐसे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया.

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