उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती का एक्शन मोड ऑन हो गया है. उन्होंने पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ और को-ऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निकाल दिया. दोनों को पार्टी से निकालने का कारण ‘अनुशासनहीनता’ बताई गई है.
मायावती ने 2 बड़े नेताओं को पार्टी से निकाला, एक तो उनके समधी हैं
Bahujan Samaj Party सुप्रीमो Mayawati ने 2 नेताओं को पार्टी से बाहर निकाल दिया. दोनों को निकालने का कारण अनुशासनहीनता बताया गया है.

अशोक सिद्धार्थ, मायावती के भतीजे और BSP की राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के ससुर हैं. इसलिए सिद्धार्थ रिश्ते में मायावती के समधी लगते हैं. रविवार, 2 अगस्त की सुबह BSP सुप्रीमो मायावती ने X पर एक पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा,
‘पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को पहले महाराष्ट्र चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता की वजह से पार्टी से बाहर निकाल दिया गया था. और एक शर्त पर ही वापस लिया गया कि वे दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे और उत्तर प्रदेश के बाहर ही काम करेंगे.’

मायावती ने बताया कि कर्नाटक, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी को-ऑर्डिनेटर के तौर पर काम कर रहे अशोक सिद्धार्थ के खिलाफ अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन की शिकायतें मिलीं. इनकी वजह से 1 अगस्त को उन्हें पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया. इसके बाद 2 अगस्त को उन्हें हमेशा के लिए पार्टी से बाहर निकाल दिया गया.
पूर्व सीएम मायवती ने लिखा,
‘यूपी में उनकी वापसी को लेकर फैल रही खबरों और आगामी विधानसभा चुनाव अभियान को प्रभावित करने की साजिशों को मानते हुए आज (2 अगस्त) उन्हें तत्काल प्रभाव से BSP से निष्कासित कर दिया गया है. अब उन्हें भविष्य में फिर कभी पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा.’
BSP सुप्रीमो ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के को-आर्डिनेटर रहे रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से निकाल दिया है. रणधीर को पार्टी से निकालने का कारण अनुशासनहीनता ही बताया गया है. इसके अलावा राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को एक बार फिर से पंजाब का प्रभारी बनाया गया है.
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इससे पहले शनिवार, 31 जुलाई को मायावती ने एक पोस्ट शेयर कर बताया कि देश भर में BSP के टिकट बांटने की जिम्मेदारी वो खुद ही उठाती हैं. उन्होंने आगे कहा कि उनके भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद उनके आदेश के हिसाब से टिकटों की घोषणा करेंगे. मायावती ने साफ किया कि टिकट तय करने में आकाश आनंद का कोई रोल नहीं है.
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