इसके बाद सतपाल ने कहा- “मैं भारी मन से बोल रहा हूं. उसने लिखा है- इस देश का चौकीदार चोर है, अगर तू बोलता है तो तू ***** है. उसने सीधा लिखा है फ़ेसबुक पर.”

जिस मंच से राहुल गांधी को गाली दी थी. (वीडियो स्क्रीनशॉट)
इसके बाद मामला बढ़ता देख उन्होंने सफाई दी है. बीबीसी हिंदी
से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा-
मैंने उसमें ये बोला कि जैसे आजकल राजनीति नीचे स्तर पर चली गई है कि देश की एक पार्टी के नेशनल प्रेजिडेंट हैं, वह खुद आने को भविष्य का पीएम बताते हैं और वह इस देश के प्रधानमंत्री को लेकर कहते हैं कि चौकीदार चोर है. तो ऐसे में मैंने कहा कि हम लोग तो न ऐसा बोल सकते हैं और न ही बोलना चाहिए किसी को सोशल मीडिया पर. लेकिन जब लोग ऐसा बोलते हैं तो हमसे भी कट्टर लोग हैं, जो लोग गुस्से में आ जाते हैं. मुझे तो वह बोलने में भी भारी लग रहा था लेकिन ये देखिए कि लोगों से कैसे लिखा है. जब आदमी दूसरों को ऐसे बोलेगा तो उन्हें सुनना भी पड़ेगा. फिर आम आदमी सुनाता भी है.
सत्ती ने आगे कहा-
मैंने तो खुद ही कहा कि जो भी ऐसा लिखता है गलत है. लेकिन जब एक देश के प्रधानमंत्री को कोई एक पार्टी का लीडर मंच से जोर-जोर से कहेगा चौकीदार और मंच के नीचे से लोग कहेंगे चोर है. फिर मैंने कहा कि लोग ये लिख रहे हैं जो कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल है और हमारे कार्यकर्ता ऐसा न करें.
आखिर में सतपाल सत्ती ने कहा- कोई हमारे प्रधानमंत्री को चोर कहे और हम कुछ भी न कहें?
इस मामले पर हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस प्रमुख कुलदीप राठौर ने कहा है कि इससे लोगों में बहुत ज्यादा गुस्सा है. देश की संस्कृति की बात करने वाले ये तथाकथित लोग अपनी हार को देखकर बौखला गए हैं. इतनी अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. हम पीएम मोदी और अमित शाह से कह रहे हैं कि अपने प्रदेश अध्यक्ष को तुरंत हटाएं. हम कानूनी राय भी ले रहे हैं.
सतपाल जो सफाई दे रहे हैं उससे तो ऐसा ही लगता है जब वह अपने बच्चों को गालियों के बारे में बताते हुए कहेंगे कि यह बुरी चीज़ है. गलत है ये. हमें ऐसा नहीं करना चाहिए तो क्या वह बच्चों को गाली भी बताएंगे/सुनाएंगे. आखिर में तो उन्होंने कह भी दिया कि कोई हमारे पीएम को चोर कहे और हम कुछ न कहें? आप इसका जो मतलब लगाएं. अब हम इस पर क्या कहें. गाली-वाली से दूर रहें. बच्चों को भी रखें. एक बात और-किसी को गालियों के बारे में बताते हुए कि यह बुरी चीज़ है उसे ही गाली न सुनाना शुरू कर दें.
चुनाव नजदीक है. नेता लोग चुनाव लड़ने के लिए जी-जान से लगे हुए हैं लेकिन इस सबके बीच गालियां कहां से आ जाती हैं, पता नहीं. 15 अप्रैल को ही आजम खान भी गालियों की वजह से ट्रेंड कर रहे थे. 16 अप्रैल को फ़तेहपुर सीकरी से बसपा के कैंडिडेट गुड्डू पंडित गालियों की वजह से चर्चा में रहेंगे.
चुनाव प्रचार के दौरान गलतबयानी के चलते योगी आदित्यनाथ और मायावती के खिलाफ कार्रवाई के बाद चुनाव आयोग ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को भी चुनाव प्रचार से रोक दिया है.
वीडियो- "पानी की जगह हम लोग को गंगाजल मिल गया..जय श्रीराम''














