बर्फीली पहाड़ियों के बीच खड़े होकर, कंधे पर बंदूक लटकाए और बीएसएफ की वर्दी पहने यादव कहते हैं, 'सभी देशवासियों को गुड मॉर्निंग, मेरा नमस्कार. जयहिन्द! देशवासियों मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहता हूं. मैं बीएसएफ 29 बटालियन से हूं. हम लोग सुबह 6 बजे से शाम को इस बर्फ के अंदर 5 बजे तक कंटिन्यू 11 घंटे ड्यूटी, वो भी खड़े होकर. कितना भी बर्फ हो कितना भी बारिश हो. तूफान हो. ये ही हालातों में हम ड्यूटी कर रहे हैं. फोटो में यहां के नज़ारे अच्छे लग रहे होंगे. लेकिन हमारी क्या सिचुएशन है ये न तो कोई मीडिया दिखाता है. न कोई मिनिस्टर सुनता है. कोई भी सरकार आई हमारी हालत वही बदतर है. मैं आपको इसके बाद तीन वीडियो भेजूंगा. मैं चाहता हूं आप पूरे देश की मीडिया को, नेताओं को दिखाएं. हमारे अधिकारी हमारे साथ कितना अत्याचार करते हैं.' वीडियो में यादव आगे कहते हैं,'हम किसी सरकार को कोई दोष नहीं देना चाहते. क्योंकि सरकार हर चीज़, हर सामान देती है. लेकिन उच्च अधिकारी साहब बिक्री करके खा जाते .हैं. हमें कुछ नही मिल पाता. ऐसे हालात हैं कई बार तो जवान भूखे पेट सोता है. मैं आपको सुबह का नाश्ता आपको दिखाऊंगा. एक पराठा मिलता है, जिसमें कुछ भी नहीं है न आचार है न सब्जी है. सिर्फ चाय के साथ. दोपहर का खाना मैं आपको दिखाऊंगा. जिसमें दाल के अंदर सिर्फ हल्दी और नमक होगा. इसके सिवाए कुछ नहीं होगा. मैं फिर कह रहा हूं भारत सरकार सबकुछ देती है. भारत सरकार के स्टोर भरे पड़े हैं. कहां जाता है कौन बिक्री करता है इसकी जांच होनी चाहिए. मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं, कृपा करके इसकी जांच कराएं. तेज यादव ने अपनी अपने लिए डर भी दिखाया है. कहा, 'दोस्तों ये वीडियो डालने के बाद मैं रहूं या न रहूं, क्योंकि अधिकारियों के बहुत बड़े हाथ हैं. वो मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं. कुछ भी हो सकता है, इसलिए इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा फैलाएं, शेयर करें. ताकि जांच हो. और देखें कि किन हालातों से गुज़र रहे हैं. मैं बाकी वीडियो आपको दिखाउंगा. जयहिंद!'तेज बहादुर यादव ने फेसबुक पर ये वीडियो अपलोड किए हैं. वीडियो को अब तक करीब 17 लाख लोग देख चुके हैं, और एक लाख से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. उनके इस वीडियो को बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने भी शेयर किया है. वीडियो में कितनी सच्चाई है ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा. तेज बहादुर यादव ने इस वीडियो के बाद तीन और वीडियो अपलोड किए हैं, जो 29वीं बटालियन के मेस के बताए हैं. जिनमें खाने की क्वालिटी दिखाई गई है. बीएसएफ़ के प्रवक्ता शुभेंदु भारद्वाज ने बीबीसी को बताया कि ये वीडियो उनके संज्ञान में हैं और जांच की जा रही है. बीएसएफ़ के ऑफिशियल अकाउंट से ट्वीट किया गया, 'बीएसएफ़ जवानों की देखभाल को लेकर बहुत संवेदनशील हैं. कुछ मामले अपवाद हो सकते हैं, अगर ऐसा है तो इसकी जांच की जाएगी. उच्च अधिकारी मौक़े पर पहुंचे हैं.' https://twitter.com/BSF_India/status/818427568684756992
इस BSF जवान को जली रोटी खाकर ड्यूटी देनी पड़ रही है: वायरल वीडियो
इस वीडियो में BSF जवान ने अफसरों की पोल खोल दी है
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फोटो - thelallantop
कोई भी बात हई सरकार ने आपके सामने सोल्जर को रख दिया. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद तो हालत ये कि आपने ज़रा भी चूं चा किया तो आपको देशद्रोही के तमगे से नवाजे जाने की कोशिश की गई. सोल्जर सोल्जर का ऐसा गर्दा काट दिया गया कि सरकार के किसी काम पर कोई सवाल न किया जा सके. लोगों के दिमाग में ये फिट कर देना ही था कि नोटबंदी हुई. कतारें लगीं. लोग मरे तो किसी ने सवाल करना चाहा तो आवाजें उठा दी गईं कि आर्मी के जवानों के बारे में सोचो. तुम देश के लिए बैंक की कतार में खड़े नहीं हो सकते. बिल्कुल सोचना चाहिए, बॉर्डर पर तैनात जवानों के लिए. लेकिन जो सरकार खुद को जवानों की हितैषी होने का बखान कर रही है उसी सरकार की मौजूदगी में जवानों को ऐसा खाना मिल रहा है कि जेल में कैदियों को भी ढंग का मिल जाता होगा. बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव को सुनिए, जो खुद को 29वीं बटालियन का जवान बता रहे हैं. और जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं. उन्होंने अपने अधिकारियों पर इल्जाम लगाया है कि सूखी-जली हुई रोटी मिलती है. और दाल में हल्दी नामक के सिवा कुछ नहीं होता.
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