उत्तर प्रदेश के रामपुर (Rampur) में बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ है. जिसमें गोली लगने से एक दलित युवक के मौत (Dalit Youth Died) की बात सामने आ रही है. वहीं इस घटना में दो लोग घायल भी हो गए हैं. मृतक के परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है.
इंडिया टुडे से जुड़े आमिर खान की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना रामपुर के मिल्क थाना क्षेत्र के सिलाई बाड़ा गांव की है. जहां एक खाली जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया. दलित समाज के लोग जहां भीमराव अंबेडकर के नाम से पार्क बनाकर उनकी मूर्ति लगाना चाहते थे, वहीं दूसरा पक्ष इसे ग्राम समाज की जमीन बताकर उन्हें ऐसा करने से रोक रहा था. इसी को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. और इसी दौरान गोली लगने से एक युवक मौत हो गई.
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने बाबा साहब के फोटो के नीचे मृतक का शव रखकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर डीआईजी मुरादाबाद और मंडल आयुक्त सिलाई बड़ा गांव पहुंचे. उन्होंने परिजनों से बात कर हरसंभव मदद और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. पुलिस ने शव कब्जे को में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जबकि घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
यूपी: अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर हुआ विवाद, दलित युवक की गोली लगने से मौत
Rampur में बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक दलित युवक के मौत हो गई. मृतक के घरवालों ने पुलिस पर गोली मारने का आरोप लगाया है.


ये भी पढ़ें: कर्नाटक विधानसभा में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगने के आरोप पर कांग्रेस ने क्या जवाब दिया?
पुलिस पर लगा आरोपघटना को लेकर मृतक के भाई ब्रजकिशोर ने दो पुलिसवालों पर गोली चलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा,
पुलिस ने क्या कहा?“मैं तो रिक्शा चला रहा था. रास्ते में मुझे खबर पता चली कि मेरे भाई को गोली लग गई है. दो पुलिस वाले, एक का नाम आदेश चौहान और एक का नाम ऋषि पाल हमारी चौकी पर ही रहते हैं, उन्होंने गांव वालों के कहने पर जानबूझकर मेरे भाई को गोली मारी है. जिसमें मेरे भाई की मौत हो गई. जबकि सुमेश कुमार और अमित गोली लगने से घायल हो गए हैं. उन्होंने बृजेश और रविंद्र के नाम के गांव वालों के कहने पर मेरे भाई पर गोली चलाई.”
वहीं घटना को लेकर मंडल आयुक्त आन्जनेय कुमार सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा,
“इस जगह पर खाद का गड्ढा था, जिसे पाटकर समतल किया गया. यहां लोगों की मांग थी कि अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जाए और पार्क बनाया जाए. जिसको लेकर शिकायत हुई थी. और प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए वहां पहुंची थी. यहां जो घटना हुई इसकी जांच होगी. ”
मंडल आयुक्त ने आगे बताया कि घटना को लेकर जांच कमेटी गठित की जाएगी. जिलाधिकारी की तरफ से मजिस्ट्रेट इंक्वायरी भी कराई जाएगी. जांच में जो भी दोषी होगा, उसको छोड़ा नहीं जाएगा.
वीडियो: राज्यसभा चुनाव में वोटिंग से पहले बीजेपी ने अखिलेश यादव के साथ क्या खेल कर दिया?











