The Lallantop

सऊदी अरब पर हूती अटैक से टेंशन में शहबाज शरीफ! अब पाकिस्तान भी कूदेगा जंग में?

Houthi Attacks on Saudi Arabia: पश्चिम एशिया में बढ़ते हूती हमलों से पाकिस्तान संकट में है. हूती मिसाइल हमलों से इस्लामाबाद ऐसे संघर्ष में फंस सकता है, जिससे बचने की वह महीनों से कोशिश कर रहा था. पाकिस्तान पर इतना दबाव है क्यों?

Advertisement
post-main-image
हूती हमलों ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है. (फोटो: इंडिया टुडे)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल हमलों का सिलसिला शुरू किया है, जिससे पाकिस्तान को युद्ध में फंसने का खतरा पैदा हो गया है।
  • पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक पुल का काम करते हुए मध्यस्थता की, लेकिन सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते ने इसे संघर्ष में शामिल होने के लिए बाध्य कर दिया है।
  • सिंद्धांत रूप से सऊदी अरब पर हमले को पाकिस्तान पर हमला माना जाता है, जिससे पाकिस्तान के सैनिकों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होगा और कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है।

पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है. यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले शुरू कर दिए हैं. इन हमलों ने पाकिस्तान को मुश्किल में डाल दिया है. हूती मिसाइल हमलों से इस्लामाबाद ऐसे संघर्ष में फंस सकता है, जिससे बचने की वह महीनों से कोशिश कर रहा था. ऐसे में यह जंग अगर और बढ़ती है तो पाकिस्तान को भी इस लड़ाई में घसीटे जाने का खतरा है. वजह है- सऊदी अरब के साथ उसका रक्षा समझौता.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
इस्लामाबाद पर दबाव क्यों है?

पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान ने पश्चिम एशिया में खुद को एक कूटनीतिक पुल के तौर पर स्थापित करने की कोशिश की है. उसने अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता कराने में मदद की है. साथ ही, दोनों पक्षों से बार-बार बातचीत के जरिए अपने मतभेदों को सुलझाने की अपील की. लेकिन सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान का एक रक्षा समझौता भी है, जिस पर पिछले साल दोनों देशों ने साइन किए थे.

इस समझौते के तहत दोनों देशों के लिए एक-दूसरे की मदद करना जरूरी है. सऊदी अरब में हजारों पाकिस्तानी सैनिक तैनात हैं. इस्लामाबाद ने वहां फाइटर जेट भी तैनात किए हैं. इसका मतलब है कि अगर सऊदी अरब पर लगातार हमले होते हैं, तो पाकिस्तान बस तमाशबीन बनकर नहीं रह सकता.

Advertisement

'सऊदी अरब पर हमला मतलब पाकिस्तान पर हमला'

एक पाकिस्तानी अधिकारी ने सरकार के रुख को बहुत ही साफ और दो-टूक शब्दों में बताया. अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया, 

"हमारे टॉप सिविल और मिलिट्री लीडर्स ने ईरान को बता दिया है कि सऊदी अरब पर हमले पाकिस्तान पर हमले हैं. यह हमारी 'रेड लाइन' है."

Advertisement

ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका की जंग में पाकिस्तान बुरा फंसा, सिर से हटे 'बवाल', इसलिए करवा रहा डील

ईरान से ज्यादा हूती हमलों की चिंता

दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तानी अधिकारी ईरान के पिछले मिसाइल हमलों की तुलना में हूती विद्रोहियों को लेकर ज्यादा चिंतित दिख रहे हैं. इसकी वजह साफ है. पाकिस्तान के कई सैनिक यमन के पास सऊदी अरब की दक्षिणी सीमा पर तैनात हैं. अगर वहां लड़ाई बढ़ती है, तो उन सैनिकों का लड़ाई के करीब पहुंचने का खतरा हो सकता है.

वीडियो: अमेरिका-ईरान के बीच जल्द हो सकता है शांति समझौता? पाकिस्तान के दावे से बढ़ी हलचल

Advertisement