कॉकरोच जनता पार्टी ने विजेता दहिया को प्रवक्ता समेत सभी पदों से हटा दिया है. 20 जुलाई को जब ‘संसद मार्च’ में प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चल रही थीं, उसी समय का एक कथित वीडियो वायरल है. इसमें कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े विजेता दहिया बर्गर खा रहे थे. इसके बाद उनका एक और वीडियो आया, जिसमें दो लोग विजेता से सवाल करते दिखे कि जंतर-मंतर पर लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं, ऐसे में वो यहां क्या कर रहे हैं.
'कॉकरोच जनता पार्टी ने विजेता दहिया को सभी पदों से हटाया', प्रोटेस्ट के दिन बर्गर खाने का आरोप
संसद मार्च के दौरान वायरल हुए कथित 'बर्गर वीडियो' के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटाकर उनकी सभी आधिकारिक जिम्मेदारियां वापस ले लीं.


दहिया इस पर कुछ बोल नहीं पाए थे. अब खबर है कि CJP ने उन्हें अपनी पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा दिया है. पार्टी में उनकी जो भी जिम्मेदारियां थीं, उन सभी से विजेता दहिया को मुक्त कर दिया गया है. CJP ने विजेता के इस आचरण को ‘असंवेदनशील’ बताया. ‘एक्स’ पर पार्टी ने पोस्ट किया,
हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया के बेहद असंवेदनशील व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं. उनके वीडियो तब सामने आए जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हमारी टीम पुलिस की बर्बर हिंसा का सामना कर रहे थे. ऐसा व्यवहार मंजूर नहीं है. यह पूरी तरह से समझदारी की कमी को दिखाता है और हमारे आंदोलन के मूल्यों और सिद्धांतों के बिल्कुल खिलाफ है.
पार्टी ने आगे लिखा,
इसके जवाब में हम विजेता दहिया को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रवक्ता के पद से हटा रहे हैं और उन्हें सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर रहे हैं.

यह भी पढ़ेंः 'अब कोई संसद मार्च नहीं होगा', अभिजीत दिपके का ऐलान, प्रदर्शनकारियों से माफी मांगी
विजेता दहिया पर ये कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए उनके एक वीडियो के बाद की गई है. इसमें दहिया को विरोध वाली जगह के पास एक मॉल में बर्गर खाते देखा गया था. एक और वीडियो में कुछ लोग उनसे सवाल करते दिख रहे हैं कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ क्यों नहीं थे. वे उनसे पूछ रहे हैं, “जब हम विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब आप बर्गर खा रहे थे?”
हालांकि, विजेता के वायरल वीडियो के सटीक समय का सत्यापन नहीं हो पाया है.
इस वीडियो के बाद विजेता दहिया के खिलाफ सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया. इस विरोध का जवाब देते हुए विजेता ने एक इंस्टाग्राम वीडियो में कहा कि वह डेढ़ महीने से लगातार इस आंदोलन के लिए काम कर रहे हैं. पिछली दो रातों से वो ठीक से सो नहीं पाए. भूख लगने की वजह से उन्हें चक्कर भी आ रहे थे. इस वजह से वह कुछ देर के लिए घर चले गए थे. उन्होंने सवाल उठाया कि बर्गर खाना इतना बड़ा मुद्दा क्यों बन गया है.
वीडियो: सोनम वांगचुक की बड़ी जीत, पसंद के अस्पताल में हो सकते हैं शिफ्ट











