नई दिल्ली में सोमवार, 20 जुलाई को ‘संसद मार्च’ के दौरान बवाल के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) ने तय किया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. लेकिन वो अब कोई और संसद मार्च नहीं निकालेंगे.
'अब कोई संसद मार्च नहीं होगा', अभिजीत दिपके का ऐलान, प्रदर्शनकारियों से माफी मांगी
संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने समर्थकों से माफी मांगते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा, लेकिन अब संसद मार्च नहीं निकाला जाएगा.


पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने समर्थकों से इस बात के लिए माफी मांगी है कि वो दिल्ली पुलिस की अमानवीय कार्रवाईयों से उन्हें बचा नहीं पाए. मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए दिपके बोले कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए सरकार अभी कई युवाओं का खून बहाने के लिए तैयार है.
30 साल के अभिजीत दिपके ने मंगलवार, 21 जुलाई को कहा कि सीजेपी की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग बरकरार है और इसे लेकर आंदोलन जारी रहेगा. लेकिन अब उनकी पार्टी संसद तक कोई और मार्च नहीं निकालेगी.
दिपके ने वजह बताई कि दिल्ली में पुलिस के साथ झड़पों में कई समर्थकों के घायल होने के बाद यह फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी नहीं चाहती कि और युवा घायल हों. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट भी लिखी, जिसमें कहा,
मैं अपने सभी सपोर्टर्स से माफी मांगता हूं. खासकर उन लड़कियों से जिन्हें पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा. हम और बेहतर कर सकते थे. दिल्ली पुलिस की अमानवीय हरकतों से आपको बचाने के लिए मैं और बेहतर कर सकता था.
दिपके ने आरोप लगाया कि (NEET पेपर लीक की वजह से) 20 से ज्यादा छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए सरकार और भी कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार थी. उन्होंने संसद मार्च वाले दिन घायल हुए लोगों से कहा है कि वो उन्हें निजी तौर पर मेसेज करें. वह उनसे बात करके इसके लिए माफी मांगेंगे.

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प्रदर्शन के दौरान बवालबता दें कि 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च का ऐलान किया था. इस दौरान हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सोमवार, 20 जुलाई को संसद की ओर बढ़ने लगे. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिस पर बवाल हुआ. कई पुलिसकर्मी और अधिकारी भी घायल हुए. कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि तकरीबन 180 सुरक्षाकर्मी इस दौरान घायल हुए. वहीं, अभिजीत दिपके का दावा है कि 150 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आईं, जिनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
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