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खनन माफिया के खिलाफ खबरें लिखने वाले पत्रकार की कानपुर में हत्या

बदमाशों ने दिनदहाड़े मारीं 6 गोलियां, सीएम ने दिए कार्रवाई के आदेश.

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कानपुर के पास बिल्हौर कस्बे में पत्रकार नवीन गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
पत्रकारों पर हमलों की लिस्ट में एक और ताजा मामला कानपुर का जुड़ गया है. मगर ये दर्दनाक और चौंकाने वाला है. दिनदहाड़े एक पत्रकार की बीच बाजार 6 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई है. घटना कानपुर देहात में पड़ने वाले बिल्हौर कस्बे की है. यहां की नगर पालिका के पास 30 नवंबर की दोपहर पत्रकार नवीन गुप्ता अपने एक रिश्तेदार की दुकान पर बैठे थे. करीब 4 बजे एक बाइक पर सवार तीन बदमाश आए और नवीन पर अंधाधुंध फायर किए. एक गोली सिर के आर-पार हो जाने से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही नवीन ने दम तोड़ दिया. नवीन हिंदुस्तान अखबार के लिए बिल्हौर में बतौर तहसील संवाददाता काम करते थे. उनके साथी पत्रकारों ने बताया कि नवीन की खबरें लोगों के सरोकार से ही जुड़ी होती हैं. बिल्हौर के पास से गुजर रही गंगा बेल्ट पर अवैध खनन के खिलाफ भी उन्होंने कई न्यूज रिपोर्ट लिखी थीं. खनन माफिया के खिलाफ उनका ये अभियान लगातार जारी था. नवीन की हत्या में किसका हाथ है, इस पर तो अभी कुछ नहीं कहा जा सकता. मगर ये साफ है कि खनन माफिया से उनका छत्तीस का आंकड़ा था. बिल्हौर के ही एक गांव में कुछ दिन पहले एक पुलिया धस गई थी. नवीन ने उसमें भी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के भ्रष्टाचार को उजागर किया था.


कानपुर देहात के एसपी जेपी सिंह ने फिलहाल जांच किए जाने की बात कही है. हत्या के कारणों पर अभी कुछ भी ना बोलते हुए उन्होंने कहा कि जल्द मामले का खुलासा कर देंगे. ये भी बताया कि नवीन की हत्या में अबतक कोई तहरीर नहीं मिली है. मगर पुलिस जांच कर रही है. सीएम योगी आदित्यनाथ और डीजीपी सुलखान सिंह ने भी मामले में तेजी से जांच और कार्रवार्इ के आदेश दिए हैं.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

पिछले कुछ महीने में पत्रकारों पर लगातार कई हमले हो चुके हैं. 22 नवंबर को ही त्रिपुरा में बंगाली (दैनिक) स्यन्दन पत्रिका के पत्रकार सुदीप दत्ता भौमिक की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. पत्रकार गौरी लंकेश के बाद बिहार और पंजाब में भी पत्रकारों पर हमले हो चुके हैं. मगर किसी भी मामले में कोई खास कार्रवार्इ नहीं हुई है. गौरी लंकेश का मामला तो नैशनल मुद्दा बन गया था, मगर उनके हत्यारों का कोई सुराग नहीं लगा है. नवीन के केस में क्या होता है, ये देखने वाला होगा.


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