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मरीज बहता खून लेकर अस्पताल पहुंचा, डॉक्टर के नाम पर किसी और ने ऑपरेशन कर दिया था!

नाम और नंबर सब डॉक्टर के, लेकिन डॉक्टर दूसरे अस्पताल में काम करता था!

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी अखिलेश मोहन और मेरठ का न्यूटिमा अस्पताल.

मेरठ में हेल्थ सेक्टर की बदहाली का रोचक केस सामने आया है. यहां के एक डॉक्टर ने शिकायत की है कि उनके नाम पर किसी और व्यक्ति ने मरीज का ऑपरेशन कर दिया और उन्हें पता ही नहीं चला. अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने टीम बनाकर मामले की जांच करने की बात कही है.

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आजतक के उस्मान चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक, देवेंद्र नामक एक मरीज को जिले के एक प्राइवेट अस्पताल ‘श्री भूषण’ में भर्ती कराया गया था. वहां उसका प्रॉस्टेट का ऑपरेशन कराया गया था. लेकिन कुछ दिन बाद मरीज को समस्या होने लगी. इसके चलते वह एक दूसरे प्राइवेट अस्पताल ‘न्यूटिमा हॉस्पिटल’ पहुंचा. लेकिन यहां एक अलग ही कहानी निकलकर सामने आई.

मरीज के पास जो दस्तावेज थे, उसमें लिखा हुआ था कि उनका ऑपरेशन डॉ. सरत चंद्र ने किया है. मरीज को इसकी एक पर्ची भी दी गई है, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर और डॉ. सरत चंद्र का नाम लिखा हुआ था. जबकि सरत ‘न्यूटिमा अस्पताल’ में काम करते हैं और देवेंद्र का ऑपरेशन ‘श्री भूषण’ में किया गया था.

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सरत चंद्र का कहना है कि उन्होंने मरीज का ऑपरेशन किया ही नहीं है और उनके नाम पर किसी और ने ये काम कर दिया.

मरीज इस समय अस्पताल में भर्ती है. (फोटो: आजतक)

डॉक्टर ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी तब हुई जब खून के रिसाव की शिकायत लेकर मरीज उनके पास पहुंचा था. उन्होंने कागजात देखें तो उसमें उन्हीं का नाम लिखा हुआ था. डॉक्टर यह देख कर हैरान रह गए कि उन्होंने मरीज का ऑपरेशन भी नहीं किया, लेकिन उनके द्वारा ऑपरेशन करने की बात लिखी गई है, वो भी एक दूसरे अस्पताल में.

डॉक्टर सरत चंद्र का कहना है कि वो इसकी शिकायत प्रशासन और चिकित्सा अधिकारियों से करेंगे. मरीज का ऑपरेशन आयुष्मान योजना के तहत किया गया था.

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इस मामले में मेरठ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी अखिलेश मोहन का कहना है कि उनके पास अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है. लेकिन उन्होंने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए एक जांच कमेटी बनाई है, जो इस पूरे मामले की जांच करेगी.

उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि इस मामले में कौन दोषी है, ताकि नियम के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके.

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