भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) पहली बार टीम इंडिया की रेगुलर कैप्टन के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगी. भारतीय महिला टीम 16 अक्टूबर को जिम्बाब्वे के खिलाफ T20 सीरीज का पहला मैच खेलेगी. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. स्मृति मंधाना हाल ही में हरमनप्रीत कौर को रिप्लेस करके टीम इंडिया की नियमित कप्तान बनी हैं. वह T20I में भारतीय महिला टीम की पांचवीं कैप्टन हैं.
स्मृति मंधाना आज से करेंगी टीम इंडिया की कप्तानी, इस नई पारी में चुनौतियां कम नहीं
Smriti Mandhana के पास कप्तान के तौर पर पहले से काफी एक्सपीरिएंस है. उन्होंने विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में RCB की कप्तानी करते हुए 2 टाइटल जीते हैं. इसके अलावा उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर भी भारतीय टीम की कप्तानी की है. इसके बावजूद उनके आगे रेगुलर कैप्टन के तौर पर कई चुनौतियां हैं.

16 अक्टूबर को स्मृति जब रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ उतरेंगी, तो वह जीत से शुरुआत करना चाहेंगी. स्मृति के लिए टीम इंडिया की कप्तानी करना नया असाइनमेंट है. भारत जैसी टीम की कप्तानी करना आसान नहीं होता. उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. अभी तक वह ज्यादातर हरमनप्रीत की कप्तानी में खेली थीं. लेकिन, अब हरमनप्रीत खुद उनकी कप्तानी में खेलेंगी. स्मृति पर टीम की सभी सीनियर प्लेयर्स को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी होगी.
पिछले महीने हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम ने बैक टू बैक दो खिताब जीते. टीम इंडिया ने पहले विमेंस एशिया कप अपने नाम किया. फिर, जापान में हुए 20वें एशियन गेम्स में भारतीय ने गोल्ड मेडल जीता. पिछले कुछ सालों में देखा जाए, तो भारतीय महिला टीम ने होम कंडीशन के अलावा ओवरसीज कंडीशन में भी हर फॉर्मेट में मैच जीते हैं. स्मृति मंधाना के सामने भारतीय टीम के इस विनिंग मोमेंट को भी बनाए रखने की चुनौती होगी.
भारत को पहली ICC ट्रॉफी हरमनप्रीत कौर ने अपनी कप्तानी में जिताई थी. साल 2025 में उन्होंने टीम इंडिया की कप्तानी करते हुए भारत को 50 ओवर्स का वर्ल्ड कप जिताया. अब स्मृति मंधाना पर भी टीम इंडिया को ICC टाइटल जिताने की जिम्मेदारी होगी. अगले साल भारत में ICC विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी खेली जाएगी. यह टूर्नामेंट T20 फॉर्मेट में होगा. स्मृति के लिए यह चुनौती होगी कि वह ऐसी टीम तैयार करें, जो ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीत सके. इसके अलावा स्मृति पर 2028 में होने वाले विमेंस T20 वर्ल्ड कप में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने की चुनौती होगी. पिछले दो T20 वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम सेमीफाइनल में क्वालीफाई नहीं कर पाई.
इसके अलावा, पिछले कुछ समय से भारतीय टीम की फील्डिंग में कई कमजोरियां नजर आईं. स्मृति को इन कमजोरियों पर काम करना होगा. क्योंकि, किसी अहम मैच में एक कैच ड्रॉप होना टीम पर भारी पड़ सकता है. स्मृति मंधाना को टीम की बॉलिंग में भी सुधार करना होगा. उन्हें ऐसे बॉलर्स तैयार करने की जरूरत है, जो हर फेज में विकेट दिला सकें.
हरमनप्रीत से बेहतर प्रदर्शन करने का दबावस्मृति मंधाना पर इस बात का प्रेशर भी होगा कि वह पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर से बेहतर प्रदर्शन करें. कोई भी प्लेयर कितना शानदार हो, लेकिन कप्तानी का प्रेशर उसके ऊपर आना लाजिमी है. स्मृति को इस प्रेशर से बचना होगा. उन्हें कप्तान के तौर पर अलग पहचान बनानी होगी.
हालांकि, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की रेगुलर कप्तान बनने के बाद स्मृति मंधाना काफी उत्साहित हैं. जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा,
22 इंटरनेशनल मैचों में कर चुकी हैं कप्तानी‘भारतीय टीम की रेगुलर कप्तान बनना मेरे लिए बिल्कुल नया एक्सपीरिएंस नहीं है, लेकिन, मैं इस नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित हूं.’
स्मृति मंधाना के पास कप्तान के तौर पर पहले से काफी एक्सपीरिएंस है. उन्होंने विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में RCB की कप्तानी करते हुए 2 टाइटल जीते हैं. इसके अलावा उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर भी भारतीय टीम की कप्तानी की है. जिन मैचों में टीम इंडिया की रेगुलर कप्तान मौजूद नहीं थीं. उन मुकाबलों में स्मृति ने भारतीय टीम की बागडोर संभाली.
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टीम इंडिया की रेगुलर कप्तान बनने से पहले, स्मृति ने 22 इंटरनेशनल मैचों में भारत की कप्तानी की. इस दौरान वह 18 T20I और 4 ODI में टीम की कप्तान रहीं. स्मृति ने अपनी कप्तानी में 18 T20I में 11 जीते और 6 हारे. एक मैच का रिजल्ट नहीं निकला. ODI में भी उनकी कप्तानी शानदार रही. उनके नेतृत्व में टीम सभी चार ODI जीती.
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