सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यमन के हूती विद्रोहियों ने बड़ा हमला किया है. 10 अक्टूबर को हुए इस हमले में 8 देशों के 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 309 लोग घायल हैं. घायलों में कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है. मृतकों में सऊदी अरब के 4, बांग्लादेश के 2 और अमेरिका, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान के एक-एक नागरिक शामिल हैं. बीते एक हफ्ते में रियाद एयरपोर्ट पर तीसरी बार हमला हुआ.
सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर हूती का हमला, 8 देशों के लोगों की मौत, 300 से ज्यादा घायल
रियाद एयरपोर्ट पर हमला पिछले एक दशक से ज्यादा समय में सऊदी अरब में हुआ सबसे घातक हमला है. सऊदी के थ्रेट वॉर्निंग सिस्टम ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया. इसने सऊदी के आसमान की हिफाजत करने की डिफेंस कैपेबिलिटीज की पोल खोलकर रख दी.

सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने 11 अक्टूबर को जारी बयान में हमले में 12 लोगों की मौत की पुष्टि की. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि घायलों को एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया.
टर्मिनल 3 और 4 को बनाया गया निशानाGACA के मुताबिक, रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद वहां का कामकाज रोक दिया गया. अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है. इस बीच, एयरपोर्ट के अंदर के बताए जा रहे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए. इनमें फर्श पर मलबा और धूल दिखाई दे रही है. एक शख्स को भी एयरपोर्ट के अंदर से गुजरते हुए देखा जा सकता है.

रॉयटर्स ने वीडियो में दिखाई देने वाली छत, पिलर, साइनबोर्ड और इंटीरियर डिजाइन का एयरपोर्ट की पुरानी तस्वीरों से मिलान किया. एजेंसी के मुताबिक, वीडियो में जो दिखा, वो किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 से मेल खाता है. एक क्षेत्रीय अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर टर्मिनल 3 और 4 पर हमले की जानकारी भी सामने आई.
एक दशक से ज्यादा समय में सबसे घातक हमला10 अक्टूबर का हमला पिछले एक दशक से ज्यादा समय में सऊदी अरब में हुआ सबसे घातक हमला है. सऊदी के थ्रेट वॉर्निंग सिस्टम ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया. इसने सऊदी के आसमान की हिफाजत करने की डिफेंस कैपेबिलिटीज की पोल खोलकर रख दी.
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील ठिकाने पर हमला होने से पहले खतरे का पता क्यों नहीं चल पाया. इससे एक दिन पहले यानी 9 अक्टूबर को भी रियाद एयरपोर्ट पर दो हमले हुए. इन अटैक में तीन सऊदी नागरिकों की जान चली गई. लगातार हो रहे हमलों से राजधानी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
रियाद एयरपोर्ट पर हमले के कुछ घंटे बाद सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने X पर बताया कि सऊदी अरब के दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ. ये एयरपोर्ट क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है.

सऊदी अरब की अगुआई वाले सैन्य गठबंधन ने यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' नाम से मिलिट्री ऑपरेशन तेज कर दिया है. ये ऑपरेशन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के साथ मिलकर चलाया जा रहा है.
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गठबंधन का मकसद हूती विद्रोहियों की सैन्य ताकत को कमजोर करना है और यमन की राजधानी सना से हूती को हटाना है. गठबंधन की सैन्य कार्रवाई तेज होने के साथ ही हूती लड़ाकों ने भी सऊदी अरब को निशाना बनाने की रफ्तार बढ़ा दी है. रियाद एयरपोर्ट पर लगातार हमले इसी बढ़ते तनाव की ओर इशारा करते हैं.
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