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'फांसी पर ही चढ़ा दो', घर तक पहुंच गए दिल्ली पुलिस के जवान पर भड़के अभिजीत दिपके

कॉकरोच जनता पार्टी के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले दिल्ली पुलिस अभिजीत दिपके के घर पहुंची और उन्हें मार्च में शामिल न होने का नोटिस दिया. दिपके ने पुलिस से पूछा कि उन्होंने हिंसा की बात कहां की है और क्या अब सिर्फ तिरंगा फहराने की भी इजाजत नहीं है.

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अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस. (फोटो- India Today)

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  • दिल्ली पुलिस ने कोकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके को 16 अक्टूबर को ‘‘लहरा दो तिरंगा’’ मार्च में शामिल न होने के लिए नोटिस जारी किया और उन्हें विरोध प्रदर्शन से रोकने का निर्देश दिया।
  • नोटिस दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा-29 के तहत जारी किया गया, जो सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन पर रोक लगाने और पब्लिक ऑर्डर बनाए रखने के लिए पुलिस को अधिकार देती है।
  • इस नोटिस के बाद दिपके ने पुलिस से विवाद किया और शांति समझौता कागज पर हस्ताक्षर किए; पुलिस ने कानून के उल्लंघन पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

कॉकरोच जनता पार्टी के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से कुछ घंटों पहले गिरफ्तारी की आशंका जताने वाले अभिजीत दिपके के घर दिल्ली पुलिस पहुंच गई. शुक्रवार, 16 अक्टूबर की दोपहर दिल्ली पुलिस के जवानों ने झंडेवालान में दिपके के घर जाकर उन्हें एक नोटिस थमाया, जिसमें उन्हें ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च में शामिल न होने के लिए कहा गया. नोटिस देखकर दिपके झल्ला गए और पुलिसवालों से कहा कि ‘ये सब क्या मजाक है? फांसी पर ही चढ़ा दो.’

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इसका एक वीडियो भी सामने आया है. दिपके के घर पर महिला पुलिसकर्मियों के साथ करीब एक दर्जन पुलिसवाले घुसते दिखाई दे रहे हैं. फिर एक फ्रेम में दिपके एक पुलिस अधिकारी के बगल में बैठे दिखते हैं. महात्मा गांधी के तस्वीर वाली टीशर्ट पहने और तिरंगा ओढ़े दिपके को पुलिस नोटिस थमा रही है. उसे देखकर दिपके कहते हैं, 

तुम तो बस मन में जो आ रहा है लिख रहे हो. ये तो हद है. फांसी पर चढ़ा दो न. ये कैसा मजाक है?

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दिपके पुलिसवालों से आगे कहते हैं कि मुझे वीडियो सबूत दिखाओ, जहां मैंने हिंसा की बात की है. 

दिपके पुलिस अधिकारी से बहस करते दिखते हैं लेकिन पुलिस उनकी बात का जवाब नहीं दे रही है. वो कहते हैं कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन का कोई आह्वान नहीं किया. वो कोई विरोध प्रदर्शन नहीं करने जा रहे हैं. कोई लाउडस्पीकर नहीं होगा. वो सिर्फ तिरंगा फहराएंगे. पुलिसवालों से उन्होंने पूछा कि क्या वह भी मना है? इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक दूसरे वीडियो में दिपके किसी कागज पर साइन कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि ये कोई ‘शांति समझौता’ है. 

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बता दें कि दिपके को दिल्ली पुलिस ऐक्ट की धारा-29 के तहत नोटिस जारी किया गया है. पब्लिक ऑर्डर बनाए रखने के लिए जनता को निर्देश देने का अधिकार इसी धारा के तहत पुलिस को मिला है. दिपके को मिले नोटिस में कहा गया है कि कनॉट प्लेस के आसपास किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या सार्वजनिक रैली आयोजित करना प्रतिबंधित है. धारा-29 बिना किसी शर्त के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार पुलिस को नहीं देती है.

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने कहा कि दिपके को दिल्ली पुलिस एक्ट के तहत एक नोटिस जारी किया गया है. इसका मकसद कानून का पालन करने के लिए कहना है. उन्हें बता दिया गया है कि यहां BNSS की धारा 163 लागू है. मामला कनॉट प्लेस इलाके से जुड़ा है और अभी त्योहारों का सीजन भी चल रहा है. इसलिए उन्हें इन बातों की जानकारी दी गई है और कानून का पालन करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि वह इस मामले में जरूरत के हिसाब से उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे. शर्मा ने लोगों से भी अपील की है कि वो कानून के निर्देशों का पालन करें.

हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि दिपके को हिरासत में लिया गया है या घर में नजरबंद किया गया है.

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