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होर्मुज में वसूली करने निकले ट्रंप अब पीछे हटे, इन देशों ने कहा- ये मत करो पैसा हम देंगे

Donald Trump on toll fees: डॉनल्ड ट्रंप ने अब कहा है कि वो होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल फीस नहीं लेंगे. लेकिन ईरानी बंदरगाहों को जाने वाले जहाजों पर नेवल ब्लॉकेड लगाया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि खाड़ी देश अमेरिका में बड़े निवेश कर सकते हैं.

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ट्रंप ने होर्मुज में 20 फीसदी टोल फीस वाली बात वापस ले ली है. (फाइल फोटो)

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  • डॉनल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से 20 फीसदी टोल वसूलने के अपने प्रस्ताव को वापस लेते हुए कहा कि अब टोल नहीं लिया जाएगा क्योंकि खाड़ी देश अमेरिका में बड़े निवेश करेंगे।
  • इस फैसले के पीछे स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज की अंतर्राष्ट्रीय पानी बनाने वाली स्थिति और कानूनी प्रतिबंध हैं, जो जबरन टोल वसूलने की अनुमति नहीं देते तथा खाड़ी देशों के निवेश प्रस्ताव भी कारण बने।
  • ट्रंप के इस फैसले से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही बनी रहेगी, और आगे खाड़ी देशों के निवेश से दोनों पक्षों के बीच आर्थिक संबंधों में वृद्धि की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को समझना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है. 13 जुलाई को उन्होंने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से गुजरने वाले हर जहाज से 20 फीसदी टोल वसूलने की बात कही. और अगले ही दिन अपना मन बदल लिया. अब उनका कहना है कि वो होर्मुज में टोल वसूली नहीं करेंगे, क्योंकि इसके बदले में खाड़ी देश अमेरिका में बड़े निवेश करने वाली है.

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प्रेसिडेंट ट्रंप ने बताया कि अब स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज सभी जहाजों के लिए खुला है. केवल ईरानी झंडे वाले जहाजों को छोड़कर. उनका दावा है कि अमेरिकी मिलिट्री की वजह से होर्मुज में जहाज सुरक्षित हैं. इसके लिए उन्होंने अपने सैन्य बल की पीठ भी थपथपाई. ट्रंप का दावा है कि खाड़ी देश अमेरिका में जो निवेश करेंगे वो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद होगा. 

ट्रंप का यूटर्न

डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, 

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‘मिडिल ईस्ट के कई देशों के आलाकमान से बात करने के बाद मैंने ये फैसला लिया है कि होर्मुज में जहाजों से 20 फीसदी टोल नहीं लिया जाएगा. इसके बदले में खाड़ी देश अमेरिका में बड़े निवेश करेंगे. नए ट्रेड और इन्वेस्टमेंट डील से दोनों पक्षों का फायदा होगा.’

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ट्रंप का ट्रुथ सोशल पोस्ट. 

डॉनल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में ये भी संकेत दिया है कि ये निवेश बड़े स्तर पर होने वाला है. उनका कहना है कि अमेरिका में पहले ही बहुत से निवेश हो चुके हैं. मगर ये एक ऐतिहासिक निवेश होगा. फैक्ट्री और प्लांट लगेंगे और इससे कई लोगों को रोज़गार भी मिलेगा. 

लेकिन अब सवाल ये है कि डॉनल्ड ट्रंप ने अपना फैसला क्यों बदला? क्या होर्मुज में टोल वसूला जा सकता है? स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज एक इंटरनेशनल वॉटर-वे है. यानी इसपर अंतर्राष्ट्रीय कानून लागू होता है. ऐसे में मामले के जानकर बताते हैं कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर जबरन टोल लगाने का कोई कानूनी आधार नहीं है.   

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होर्मुज में फिर से लगेगा ब्लॉकेड?

इससे पहले प्रेसिडेंट ट्रंप का कहना था कि अमेरिका होर्मुज में ‘जहाजों का गार्डियन है’. इसलिए अब से यहां से गुजरने वाले हर जहाज को 20 फीसदी टोल देना होगा. इसके साथ ही होर्मुज में फिर से नेवल ब्लॉकेड लगाने की बात कही थी. अब वे टोल वाली बात से मुकर गए हैं. लेकिन उन्होंने साफ किया कि ईरानी बंदरगाहों को जाने या वहां से आने वाले जहाज को रोकने के लिए नेवल ब्लॉकेड लगाया जाएगा.

ईरान ने ट्रंप की 20 फीसदी टोल वसूली वाली बात पर तंज़ कसा. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ‘20 फीसदी तो बहुत ज्यादा है, कुछ बेहतर सोचते हैं.’ खैर, ईरान ने ये बात साफ़ कर दी है कि अमेरिकी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज कंट्रोल नहीं कर सकते. और अगर ईरानी अथॉरिटी के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई तो अंजाम बुरा होगा. 

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