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एथेनॉल वाले पेट्रोल से माइलेज तो गिरा लेकिन... IIT साइंटिस्ट के रिसर्च में सब पता लगा

IIT कानपुर के इंजन रिसर्च लैब (ERL) के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ. ध्रुवराज कैराना ने अपनी रिसर्च में बताया कि E-20 फ्यूल नई और पुरानी गाड़ियां के लिए सेफ है. इससे इंजन पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं मिला है. माइलेज को लेकर भी उन्होंने कुछ बोला है, जिसे समझना जरूरी है.

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E20 फ्यूल सेफ है-आईआईटी कानपुर

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  • आईआईटी कानपुर के इंजन रिसर्च लैब ने 14 जुलाई को दावा किया कि E20 पेट्रोल से नई और पुरानी दोनों प्रकार की गाड़ियों के इंजन पर कोई नुकसान या माइलेज में गंभीर कमी नहीं पाई गई है।
  • E20 पेट्रोल की उपयोगिता को लेकर सरकार, ऑटो एक्सपर्ट तथा वाहन मालिकों में विवाद चल रहा है क्योंकि कुछ रिसर्च और केंद्रीय मंत्री ने स्वीकारा है कि माइलेज में 2 से 6 फीसदी की गिरावट हो रही है।
  • आईआईटी कानपुर की सलाह है कि वाहन मालिक अपने वाहन के यूजर मैनुअल और पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करें तथा सोशल मीडिया की अधूरी जानकारियों पर भरोसा न करें।

E20 या Ethanol Blended Petrol (EBP) पर सरकार, जनता, ऑटो एक्सपर्ट और कार कंपनियों के बीच बयानबाजी जारी है. अब इस तेल के खेल में आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) की भी इंट्री हो गई है. देश के सबसे प्रीमियम शिक्षण संस्थान के रिसर्चर ने मंगलवार, 14 जुलाई को दावा किया कि उनकी स्टडी में फ्यूल एफिशिएंसी में कोई खास कमी नहीं पाई गई (E20 petrol does not harm vehicle engines) और ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि E20 मौजूदा या पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचाता है.

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E20 डालते रहो

IIT कानपुर के इंजन रिसर्च लैब (ERL) के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ. ध्रुवराज कैराना ने अपनी रिसर्च में बताया कि E-20 फ्यूल नई और पुरानी गाड़ियां के लिए सेफ है. इससे इंजन पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं मिला है. माइलेज में भी कोई ऐसा बदलाव सामने नहीं आया, जिसे गंभीर माना जाए. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि नई गाड़ियों से मतलब साल 2022 से बाद की वो गाड़ियों जो E20 के हिसाब से बनी हैं. पुरानी गाड़ियों से तात्पर्य उन कारों से हैं जिनको E10 फ्यूल के हिसाब से डिजाइन किया गया था.

डॉ. ध्रुवराज कैराना के मुताबिक, अब तक हमारी रिसर्च में E20 फ्यूल से नए और पुराने वाहनों में किसी तरह की तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है. इंजन पर भी कोई बड़ा नेगेटिव असर या माइलेज में ऐसी कमी भी नहीं मिली, जिससे लोगों को चिंता करने की जरूरत हो. इसलिए वाहन मालिक बिना किसी अनावश्यक डर के सामान्य रूप से E20 पेट्रोल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

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ये भी पढ़ें: गाड़ी का माइलेज चेक करने के ये तरीके जानते हैं? E20 विवाद के बीच सबसे अहम सवाल का जवाब

यहां थोड़ा स्टोरी को सड़क से उतारना होगा. एक बात गौर करने लायक है. माइलेज में एकदम कमी नहीं हुई, ऐसा नहीं कहा गया है. कई सारी दूसरी रिसर्च भी हैं जो बताती हैं कि माइलेज गिरा है. कितना गिरा वो अभी भी तय करना मुश्किल है. Automotive Research Association of India (ARAI) के मुताबिक माइलेज 2 से 6 फीसदी गिरा है. केंद्रीय रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी भी कुछ दिनों पहले मान चुके हैं कि माइलेज गिरता तो है. वैसे वो E20 फ्यूल की वजह से गाड़ियों में किसी भी प्रकार की टूट-फूट से इंकार करते हैं.

गाइडलाइन के अनुसार ही E20 पेट्रोल डालें

आईआईटी कानपुर की रिसर्च लैब का कहना है कि गाड़ी मालिक अपनी कार के यूजर मैनुअल में दिए गए निर्देशों का पालन करें और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से समय-समय पर जारी गाइडलाइन के अनुसार ही E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करें. लैब का कहना है कि सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल से माइलेज कम होने और इंजन खराब होने जैसी कई बातें कही जा रही हैं, लेकिन लोग ऐसी अधूरी सूचनाओं पर भरोसा न करें. दरअसल सोशल मीडिया पर कई सारे गाड़ी मालिक अपनी गाड़ी के रबर वाशर और फ्यूल पाइप के खराब होने की बात कह रहे हैं, स्पेशली पुरानी गाड़ियों में. सरकार की तरफ से लगातार इसको लेकर अपना पक्ष जाहिर किया जा रहा है.

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E85 फ्यूल पर रिसर्च

इंजन रिसर्च लैब में प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में E85 यानी फ्लेक्स फ्यूल पर भी काम हो रहा है. बताते चलें कि E85 के इस्तेमाल के लिए विशेष प्रकार के इंजन और हार्डवेयर की जरूरत होती है. कुछ दिनों पहले हीरो मोटर्स और मारुति ने फ्लेक्स फ्यूल सपोर्ट वाली गाड़ियों की एक झलक दिखाई है. दिल्ली में इसका एक पंप भी ओपन किया गया है. 

वीडियो: E20 फ्यूल से माइलेज घटने के सवाल पर क्या बता गए नितिन गडकरी?

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