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अमेरिका का अपाचे हेलीकॉप्टर फटा, ये ड्रोन गया और दोनों पायलट को जिंदा निकाल लाया

US Navy की 5th Fleet के तहत काम करने वाली task Force 59 ने इस रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया है. इस फोर्स ने रेस्क्यू करने के लिए कॉर्सएयर (CORSAIR) नाम के Drone Boat का इस्तेमाल किया है. इसने ही बचाई दोनों पायलट की जान.

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अमेरिकी नेवी ने अपने हेलीकॉप्टर क्रू को बचाने के लिए ड्रोन बोट का इस्तेमाल किया है (PHOTO- Saronic Technologies)

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  • अमेरिकी नेवी की टास्क फोर्स 59 ने CORSAIR नामक मानव रहित नेवल ड्रोन का उपयोग कर ईरानी हमले में डाउन हुए अपाचे हेलीकॉप्टर के 2 क्रू मेंबर्स को सफलतापूर्वक बचाया।
  • यह रेस्क्यू ऑपरेशन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद हुआ, जहां अमेरिका ने ऐसा ड्रोन इस्तेमाल किया जो बिना कप्तान के पानी पर चल सकता है।
  • इस सफल रेस्क्यू के बाद मानव रहित और AI संचालित ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और अमेरिकी नेवी की टास्क फोर्स 59 की भूमिका और मजबूत होगी।

अमेरिका ने ईरानी हमले में डाउन हुए अपाचे हेलीकॉप्टर के 2 क्रू मेंबर्स को बचा लिया है. खास बात यह है कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन में अमेरिकन नेवी ने एक ड्रोन का इस्तेमाल किया. लेकिन ये ड्रोन हवा में नहीं बल्कि पानी पर चलता है. यानी ये एक नेवल जहाज है जिसे किसी कप्तान की जरूरत नहीं होती. इस ड्रोन का नाम कॉर्सएयर (CORSAIR) है. इसे सरोनिक टेक्नोलॉजी (Saronic Technologies) ने बनाया है.

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अमेरिकी नेवी की सबसे स्मार्ट फोर्स ‘Task Force 59’

अमेरिकन नेवी की एक इकाई है जिसे 5th फ्लीट नाम से जाना जाता है. इसका हेडक्वार्टर बहरीन में है. इस बेड़े की एक फोर्स है, जिसे टास्क फोर्स 59 कहा जाता है. ये फोर्स अपनी जिम्मेदारी वाले एरिया में सभी मानव रहित (Unmanned) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े मिशनों को अंजाम देती है. इसी फोर्स ने अपाचे के क्रू को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है. इस मामले पर जानकारी देते हुए US सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिमोथी हॉकिन्स ने कहा,

‘US नेवी के एक सरफेस ड्रोन ने पानी से क्रू को ढूंढा और बचाया. US 5th फ्लीट की टास्क फोर्स 59, नेवी की पहली ऑपरेशनल AI और ड्रोन टास्क फोर्स है.’

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बिना इंसान के चलने वाली नाव

इस ड्रोन बोट को अमेरिका के टेक्सस में स्थित कंपनी Saronic Technologies बनाती है. ये बोट 24 फुट लंबी है. एक बार में ये 1 हजार पाउंड यानी लगभग 450 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकती है. कंपनी का दावा है की एक बार अगर ये बोट निकली तो ये 1 हजार नॉटिकल मील यानी लगभग 1850 किलोमीटर तक की रेंज में अपने मिशन को अंजाम दे सकती है. इसकी स्पीड 35 नॉट्स यानी लगभग 65 किलोमीटर प्रति घंटा है. इस बोट में AI से लैस सिस्टम्स, उन्नत रडार और कम्युनिकेशन सिस्टम लगा है.

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प्रेसिडेंट ट्रंप ने ट्रुथ पर पोस्ट कर हेलीकॉप्टर क्रैश की जानकारी दी थी
अमेरिकी सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था 

इससे पहले खबर आई थी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के इलाके में अमेरिकी सेना का एक AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है. प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप ने तो दावा भी कर दिया था कि उनके हेलीकॉप्टर को ईरानी ड्रोन ने मारा है. लेकिन फिलहाल ईरान की ओर से अपाचे को गिराने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

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वीडियो: क़तर में चल रही बातचीत, फिर अमेरिका ने होर्मुज के पास अटैक क्यों किया?

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