यूरिक एसिड. ये एक वेस्ट प्रोडक्ट यानी गंदगी है. जिसे आमतौर पर किडनी पेशाब के ज़रिए शरीर से बाहर निकाल देती है. पर कई बार ये शरीर में ज़्यादा बनने लगता है या किडनी इसे पूरी तरह बाहर नहीं निकाल पाती. इससे यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है.
यूरिक एसिड बढ़ने का ख़तरा किन लोगों में ज़्यादा? इसे कंट्रोल कैसे करें, डॉक्टर से जानिए
अक्सर लोग पूछते हैं कि यूरिक बढ़ने पर क्या राजमा और चना बंद करने की ज़रूरत है. आमतौर पर शाकाहारी खाने से मिलने वाला प्यूरिन यूरिक एसिड बढ़ने की बड़ी वजह नहीं होता.

जिनका भी यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है, वो अच्छे से जानते हैं कि ये कितना दर्द देता है. कितनी परेशानियां खड़ी करता है. अक्सर लोग इससे जुड़े कई सवाल सर्च करते रहते हैं. जैसे क्या यूरिक एसिड बढ़ने पर दूध, दही ले सकते हैं? क्या टमाटर या नॉनवेज खा सकते हैं? राजमा, चना तो नहीं छोड़ना पड़ेगा? सबसे ज़रूरी, इस बढ़े यूरिक एसिड को कंट्रोल कैसे किया जाए?
चलिए फिर, आज आपको इन सभी सवालों के जवाब मिलेंगे. डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर में क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं. इसके बढ़ने का ख़तरा किन लोगों में ज़्यादा होता है. और यूरिक एसिड बढ़ा हो तो क्या खाएं और क्या नहीं.
ये हमें बताया डॉक्टर दुष्यंत शर्मा ने.

अगर ब्लड टेस्ट में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ आए. तब हर बार इसका मतलब ये नहीं कि उससे कोई दिक्कत ज़रूर होगी. ये बहुत ही आम स्थिति है, जिसे असिम्प्टोमैटिक हाइपरयूरिसीमिया कहते हैं. हालांकि, कुछ लोगों में बढ़ा हुआ यूरिक एसिड कई तरह की दिक्कतें कर सकता है.
यूरिक एसिड के छोटे-छोटे क्रिस्टल शरीर के छोटे जोड़ों में जमा होने लगते हैं. इससे जोड़ों में सूजन और रेडनेस आ सकती है. जोड़ों को हिलाने-डुलाने में भी परेशानी हो सकती है. इसकी शुरुआत अक्सर पैर के अंगूठे के जोड़ से होती है. कई मरीज़ों में यूरिक एसिड के स्टोन बनते हैं. ऐसा तब होता है, जब पेशाब में यूरिक एसिड की मात्रा बहुत ज़्यादा हो जाती है. लंबे समय तक यूरिक एसिड बहुत ज़्यादा रहने पर कुछ लोगों में किडनी को भी नुकसान पहुंच सकता है. किडनी फ़ेलियर के मरीज़ों में भी यूरिक एसिड बढ़ा हुआ मिल सकता है.
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यूरिक एसिड बढ़ने का ख़तरा किन लोगों में ज़्यादा?- पहला, जिनके परिवार में हाई यूरिक एसिड या गाउट की हिस्ट्री रही हो.
- दूसरा, जो लोग ज़्यादा मात्रा में रेड मीट और ऑर्गन मीट खाते हैं.
- तीसरा, जो लोग डाययूरेटिक्स यानी शरीर से एक्स्ट्रा पानी निकालने वाली दवाइयां ले रहे हैं.
- चौथा, जिन्हें मोटापा, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर या किडनी फ़ेलियर जैसी बीमारियां हैं.

सबसे पहले ये पता करें कि यूरिक एसिड बढ़ने की वजह क्या है. अगर मोटापा है, तो वज़न कम करने की कोशिश करें. डायबिटीज़ है, तो ब्लड शुगर कंट्रोल रखें. हाई ब्लड प्रेशर है, तो उसे भी कंट्रोल में रखें. अगर किडनी की कोई बीमारी है, तो डॉक्टर से सलाह लेते रहें. लाइफस्टाइल में बदलाव भी बहुत ज़रूरी है. दिनभर में करीब 2.5 से 3 लीटर पानी पिएं. रेड मीट और ऑर्गन मीट (जैसे कलेजी) कम खाएं. प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेते समय सावधानी बरतें और बिना सलाह के ज़्यादा मात्रा में न लें.
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यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या खाएं, क्या नहीं?अक्सर लोग पूछते हैं कि यूरिक बढ़ने पर क्या राजमा और चना बंद करने की ज़रूरत है. आमतौर पर शाकाहारी खाने से मिलने वाला प्यूरिन यूरिक एसिड बढ़ने की बड़ी वजह नहीं होता. इसलिए ज़्यादातर लोगों को राजमा, चना और दूसरी दालें बंद करने की ज़रूरत नहीं होती. दूध और दही से भी आमतौर पर यूरिक एसिड नहीं बढ़ता. आप लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. रेड मीट, मटन, पोर्क और ऑर्गन मीट (जैसे कलेजी) यूरिक एसिड बढ़ा सकते हैं. इसलिए इन चीज़ों को कम खाना बेहतर रहता है. इससे हाई यूरिक एसिड (हाइपरयूरिसीमिया) का ख़तरा कम करने में मदद मिल सकती है.
यूरिक एसिड बढ़ा है या नहीं, ये पता करने के लिए डॉक्टर अक्सर दो टेस्ट करते हैं. पहला है सिरम यूरिक एसिड टेस्ट. ये एक ब्लड टेस्ट है. इससे पता चलता है कि खून में यूरिक एसिड का लेवल कितना है. दूसरा है 24-Hour Urine Uric Acid Test. ये बताता है कि आपकी किडनी पूरे दिन में कितना यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकाल रही है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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