इनकी हरकत को 'कुत्तई' कहना कुत्तों का अपमान है
इन दो बहादुरों ने एक कुत्ते को बाइक में बांधकर सड़क पर घसीटा. पुलिस ने पूछा क्यों? तो कहा "जस्ट फॉर फ़न."
Advertisement

फोटो - thelallantop
हमेशा कहते हैं कि खराब इंसान की तुलना किसी जानवर से न करो. क्योंकि जानवर सब कुछ अपने स्वभाव के चलते करता है. और उसके बारे में सबको पता होता है. कुत्ते के बारे में पता होता है कि वो काट सकता है. इसीलिए उससे बचके चलो. आदमी को देखके कैसे पता चलेगा कि ये काट लेगा. उसकी शक्ल पर तो लिखा नहीं होता. इन दो लोगों को देखो. अगर इनकी हरकत को कुत्तई कहा जाए तो कुत्तों का अपमान होगा. इन्होंने सिर्फ 'मजे के लिए' एक कुत्ते को बाइक में बांध कर रोड पर घसीटा. https://www.youtube.com/watch?v=UiDWiu00g7Y वड़ोदरा के इन वीरों का नाम है सोनू और विक्रम. इन लोगों ने एक कुत्ते को अपनी बाइक में पीछे बांधा और सड़क पर फुल स्पीड में रगड़ने लगे. कुत्ते की किस्मत कहो कि पीछे से बाइक पर मयंक सालुंके और दर्शित नाम के दो भले लोग आ रहे थे. उन्होंने दो किलोमीटर तक इन लफंगों का पीछा किया और किसी तरह रोका. फिर कुत्ते को उनसे छुड़ाकर उसका इलाज कराया. पंजे और नाखूनों से बुरी तरह खून निकल रहा था. दोनों बहादुरों को पुलिस ने पहुंचा दिया है "मामाजी के घर."
Advertisement










