"मुझे पता है मेरे शरीर पर बाल हैं. और लोगों को ये अच्छा नहीं लगता. पर उस तस्वीर में ऐसा कुछ नहीं था जो किसी को भड़का दे. मैंने तस्वीर लगाई क्योंकि I was feeling myself."
"नफरत भरे ट्वीट अधिकतर लड़कों ने किए. जो लोग साउथ ईस्ट एशिया के हैं, वो मुझे सरप्राइज नहीं करते. पर दूसरे देशों के मर्द भी इतनी छोटी सोच रखते हैं ये मुझे उस दिन पता चला. मुझे रियलाइज हुआ कि सुंदरता को लेकर हमारी मान्यताएं रेसिस्ट हैं. हम उसे सुंदर मानते हैं जो पश्चिमी देशों के पैमाने पर सुंदर होता है."
"जब मैंने मां को इस बारे में बताया, वो चीख पड़ीं. कि लड़की ने खानदान की नाक कटवा दी. फिर मैंने उन्हें समझाया कि ये मेरी और उनकी जैसी औरतों के लिए है. और वो मेरी बात समझ गयीं."
"मेरी समझ से बालों का उगना एक क्रिएटिव बात है. ये बाल कुछ भी हो सकते हैं. मैं अपने आप को एक बगीचे, एक जंगल या अपने देश की धरती की तरह देख सकती हूं." (सभी तस्वीरें ट्विटर से)
















