सनातन धर्म के खिलाफ बार-बार टिप्पणियां करने वाले उदयनिधि स्टालिन को सुप्रीम कोर्ट ने लताड़ लगाई है. शीर्ष अदालत ने तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन से कहा है कि उन्होंंने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया है (Supreme Court on Udhayanidhi Stalin). पिछले साल उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कही थी जिसके बाद उनके पिता और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन को सफाई देनी पड़ी थी. बयान के बाद जूनियर स्टालिन के खिलाफ कई राज्यों में FIR दर्ज की गई थी. बाद में मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि सभी FIR को एकसाथ करके सुनवाई की जाए.
'सनातन धर्म को मिटा दो' कहने वाले उदयनिधि स्टालिन को सुप्रीम कोर्ट ने सुना दिया
सुप्रीम कोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन के लिए कहा कि उन्होंने बोलने की स्वतंत्रता के अधिकार का गलत इस्तेमाल किया, धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का गलत इस्तेमाल किया.

सोमवार, 4 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्त की बेंच ने उदयनिधि की अपील पर सुनवाई की. लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि मंत्री ने बोलने की स्वतंत्रता के अधिकार का गलत इस्तेमाल किया है. बेंच ने उदयनिधि के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा,
“आपने (उदयनिधि स्टालिन) धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का गलत इस्तेमाल किया. अब आप एक और अधिकार का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. क्या आपके मुवक्किल को ये नहीं पता कि उनके बयान का क्या नतीजा निकलेगा?… आप कोई आम आदमी नहीं हैं, आप मंत्री हैं. आपको अपने बयान के नतीजों के बारे में सोचना चाहिए था."
इस पर सिंघवी ने कहा कि वो उदयनिधि के बयान को सही नहीं ठहरा रहे हैं. उनके खिलाफ 6 राज्यों में FIR दर्ज है, वो केवल इतना चाहते हैं कि ये सभी एक जगह कर दी जाएं.
वरिष्ठ वकील की बात पर बेंच ने कहा कि उनको संबंधित हाईकोर्ट में जाना चाहिए. जवाब में सिंघवी ने कहा कि उन्हें 6 हाई कोर्ट जाना पड़ेगा. वो इसी में फंसे रह जाएंगे. अब शीर्ष अदालत में मामले में आगे की सुनवाई के लिए 15 मार्च की तारीख निर्धारित की है.
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उदयनिधि स्टालिन ने 2 सितंबर, 2023 को सनातन धर्म को लेकर एक बयान दिया था. उन्होंने सनातन धर्म को डेंगू, मच्छर और कोरोना जैसा बताते हुए उसे खत्म करने की बात कही थी. धर्म को डेंगू, मच्छर और कोरोना जैसा बताया था. उदयनिधि ने कहा था,
“सनातन धर्म डेंगू, मच्छर, मलेरिया, या कोरोना जैसा है. जिसका हमें विरोध नहीं करना है बल्कि इसे मिटा देना चाहिए.”
उदयनिधि के बयान के बाद अयोध्या के हिंदू संत परमहंस आचार्य ने उनके बयान पर नाराजगी जताई थी. उन्होंने कहा था कि जो उदयनिधि का सिर कलम करके लाएगा, उसे 10 करोड़ रुपए का इनाम मिलेगा. बाद में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर, बिहार, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में जूनियर स्टालिन के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई थीं.
वीडियो: सनातन धर्म विवाद पर उदयनिधि स्टालिन को सुप्रीम कोर्ट ने क्या नोटिस भेजा?









