ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से कॉमर्शियल जहाजों की आवाजाही के लिए खोल दिया है. इस बात की घोषणा ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने की. अराघची का यह बयान लेबनान और इजरायल के बीच सीजफायर का ऐलान होने के बाद आया. अब्बास अराघची ने होर्मुज के खोले जाने की घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर करते हुए लिखा कि लेबनान में युद्ध विराम के साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सभी व्यापारिक जहाजों का रास्ता अब पूरी तरह से खुला रहेगा. यह सुविधा युद्धविराम की पूरी अवधि तक लागू रहेगी.
ईरान ने तो खोल दिया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, लेकिन ट्रंप किस बात पर अड़ गए?
Iran के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने Strait Of Hormuz के खुल जाने की घोषणा की. जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का भी रिएक्शन सामने आया है.


अराघची ने आगे कहा कि सभी जहाजों को ईरान के 'बंदरगाह और समुद्री संगठन' द्वारा बताए गए तय रास्ते का ही पालन करना होगा.

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार, 16 अप्रैल की देर रात इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के लिए सीजफायर का ऐलान हुआ. हालांकि, यह साफ नहीं था कि हिज्बुल्लाह इस सीजफायर को स्वीकार करेगा या नहीं. क्योंकि, ईरान जंग के दौरान हिज्बुल्लाह दक्षिण में इजरायल के हमलों का जवाब दे रहा था. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के खुलने की पुष्टि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी की. उन्होंने ट्रूथ सोशल पर लिखा,
ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से खुल गया है. साथ ही व्यापार और पूर्ण आवागमन के लिए तैयार है.

बाद में ट्रंप ने एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अमेरिकी नेवल ब्लॉकेज को तब तक जारी रखने की भी बात कही, जब तक ईरान जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं कर लेता. ट्रंप ने पोस्ट में लिखा,
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से खुला है और व्यापार तथा पूर्ण आवाजाही के लिए तैयार है लेकिन ईरान के संबंध में नेवल ब्लॉकेज पूरी तरह से लागू रहेगी. ये तब तक जारी रहेगी, जब तक ईरान के साथ हमारा लेन-देन 100% पूरा नहीं हो जाता. यह प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़नी चाहिए क्योंकि, ज्यादातर मुद्दों पर पहले ही बातचीत हो चुकी है.

होर्मुज खुलने के बाद ट्रंप ने नाटो को भी ताना मारा. उन्होंने लिखा,
अब जब होर्मुज वाला मामला खत्म हो गया है, तब NATO का फोन आया कि मदद चाहिए क्या? मैंने साफ बोल दिया. दूर रहो, जब तक सिर्फ तेल भरने नहीं आ रहे हो. जब जरूरत थी तब तो कोई काम के नहीं थे. कागज़ी शेर!
ट्रंप ने कहा कि ये ईरान ने मान लिया है कि अब वो कभी होर्मुज बंद नहीं करेगा. अब इसे दुनिया के खिलाफ दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
ईरान के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि होर्मुज से गुजरने की इजाजत केवल ऐसे जहाजों को ही है जो सेना के न हों. बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुलना भारत समेत दुनिया भर के कई देशों के लिए अच्छी खबर है. क्योंकि, ये देश ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग के बीच ऊर्जा संकट का सामना कर रहे थे. 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने एक साथ ईरान पर हमला कर दिया था. हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी.
खामेनेई की मौत के बाद 2 मार्च 2025 को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना पूरा नियंत्रण कर लिया था. साथ ही अमेरिका और इजरायल का समर्थन करने वाले देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का समुंद्री मार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया था. इसकी वजह से इस मार्ग पर काफी तनाव बढ़ गया था. होर्मुज पर बढ़े इस तनाव का असर भारत समेत कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा.
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