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'ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने को तैयार... ', पता है डील के बाद इसे कहां ले जाया जाएगा?

Trump claims on Iran deal: प्रेसिडेंट ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपना न्यूक्लियर भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है. उन्होंने कहा कि अब ईरान के साथ डील की जा सकती है. ये भी संकेत दिया कि अगर बैठक सफल रही तो वो खुद इस्लामाबाद जाएंगे.

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'ईरान यूरेनियम छोड़ने को तैयार' -ट्रंप का दावा. (फोटो- इंडिया टुडे)

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपने के लिए मान गया है. बताया कि अब ईरान के साथ डील मुमकिन है और दोनों पक्ष शांति समझौते के बेहद करीब हैं. ट्रंप ने संकेत दिया कि शांति समझौते की दूसरी बैठक एक-दो दिन में हो सकती है. और अगर डील हो गई तो वो खुद भी बैठक में शामिल हो सकते हैं. 

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16, अप्रैल को वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 

‘ये मानना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन ईरान के साथ अमेरिका के रिश्ते अब अच्छे हो गए हैं. वो अमेरिका को ‘न्यूक्लियर डस्ट’ (enriched uranium) सौंपने को तैयार हैं. जिस रफ़्तार से बातचीत चल रही है उम्मीद है जल्द ही डील क्लोज हो जाएगी.’ 

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प्रेसिडेंट ट्रंप का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच इस हफ्ते के अंत में बातचीत हो सकती है. मगर सीजफायर की डेडलाइन बढ़ाने पर संदेह जताया है. उनका कहना है कि ईरान पर दबाव बनाने की वजह से इसपर सहमति बन पाई है. उन्होंने ये भी कहा कि अगर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में डील फाइनल हो गई तो वो खुद इस्लामाबाद जाएंगे. उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ भी की. 

इंडिया टुडे ने दो ईरानी सूत्रों के हवाले से लिखा कि ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम को देश के बाहर भेजने की बात चल रही है. लेकिन बताया गया कि पूरे एनरिच्ड यूरेनियम का कुछ ही हिस्सा भेजा जाएगा. ईरान की तरफ से ट्रंप के दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. 

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'न्यूक्लियर' पर ही डील रुकी हुई है

11 अप्रैल को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की पहली बैठक हुई थी. दोनों पक्षों ने बताया कि बहुत सी बातों पर सहमति बनी लेकिन न्यूक्लियर डील पर आकर बात रुक गई. अमेरिका का कहना था कि ईरान को 20 साल तक न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकना होगा. जबकि ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम रोकने को लेकर कोई कमिटमेंट नहीं दी थी. इसी वजह से ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ फेल हो गया. ईरान अमेरिका के बीच सीजफायर 21 अप्रैल को ख़त्म हो रही है, इसलिए उससे पहले डील करने की कोशिश है. 

वीडियो: दुनियादारी: ईरान का यूरेनियम छीनेंगे ट्रंप, कहां ले जाएगी ये जिद?

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