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सात पूर्व प्रधानमंत्रियों, 100 मंत्रियों की संपत्ति की जांच शुरू, नेपाल के नए पीएम का बड़ा आदेश

Nepal PM Balen Shah Orders Probe: नेपाल की नई सरकार ने सात पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्ति की जांच का आदेश दिया है. बताया गया साल 2005 से 2025 के बीच सभी प्रमुख राजनीतिक पदाधिकारियों और उच्च अधिकारियों की संपत्ति की भी जांच की जाएगी.

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नेपाल के पीएम बालेन शाह ने लिया बहुत बड़ा फैसला (फोटो-Nepal.news)

नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सात पूर्व प्रधानमंत्रियों की संपत्ति की जांच के आदेश दिए हैं. बताया गया कि साल 2005 से 2025 के बीच सार्वजनिक पद पर रहे प्रमुख राजनीतिक पदाधिकारियों की संपत्ति भी जांच के घेरे में हैं. सरकार ने जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है. आयोग को पदाधिकारियों की संपत्ति की जानकारी जुटाने और जांच करने के आदेश दिए गए हैं. बताया गया कि जांच के घेरे में 100 मंत्री भी शामिल हैं.

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नेपाल न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक़, बुधवार, 15 अप्रैल को हुई एक कैबिनेट बैठक में चार सदस्यीय आयोग का गठन किया गया. प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इस बैठक की अध्यक्षता की. जिसमें पूर्व सुप्रीम कोर्ट जस्टिस राजेंद्र भंडारी भी शामिल हुए. आयोग में पूर्व जस्टिस चंडी राज ढकाल , पुरुषोत्तम प्रजापति, पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक गणेश के. सी. और चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश लम्साल शामिल हैं. 

रिपोर्ट के मुताबिक़, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार के लोग जांच के घेरे में हैं. जिनमें नेपाल के सात पूर्व PM - के. पी. शर्मा ओली, पुष्प कमल दहल प्रचंड, शेर बहादुर देउवा, डा बाबूराम भट्टराई, माधव कुमार नेपाल, खिलराज रेगमी, झलनाथ खनाल - शामिल हैं. इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री गिरिजा कोइराला की बेटी सुजाता कोइराला भी जांच के दायरे में हैं. 

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प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार में 100 पॉइंट का शासन सुधार एजेंडा तय किया गया था. ये जांच इसी एजेंडा के तहत की जा रही है. एजेंडा में करप्शन, अवैध संपत्ति छुपाने और दंडहीनता (impunity) को समाप्त करने के लिए एक सशक्त संपत्ति जांच आयोग बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है. सरकार ने आयोग को कानूनी, साक्ष्य-आधारित और निष्पक्ष तरीके से जांच करने का अधिकार दिया है. 

इसके अलावा 2005 से 2025 तक सरकार में मंत्री रहे सभी नेताओं की संपत्ति की भी जांच की जाएगी. पिछले बीस सालों के दौरान सभी उच्च अधिकारियों, संवैधानिक और राजनैतिक नियुक्ति पाने वालों को भी जांच के दायरे में रखा गया है. 

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बता दें कि बालेन शाह ने एक महीने पहले ही नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी. इनकी पहचान स्ट्रक्चरल इंजीनियर, रैपर, एक्टर, म्यूजिक, प्रोड्यूसर, गीतकार और एक कवि के तौर पर थी. लेकिन 2025 में जेन-जी आंदोलन के दौरान इन्हें बड़े नेता के तौर पर देखा जाने लगा. आंदोलन के बाद इन्होंने मेयर के पद से इस्तीफा दिया और चुनाव में खड़े हुए. जिसके बाद इन्होंने केंद्र में अपनी सरकार बनाई. 

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