आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस पार्टी (Congress Party) की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा कि पार्टी राजनीतिक फायदे के लिए ऐतिहासिक तथ्यों पर कोई भी गलतबयानी स्वीकार नहीं करेगी. सोनिया गांधी ने अपने संदेश में कहा कि गांधी-नेहरू-पटेल-आजाद जैसे महान राष्ट्रीय नेताओं को असत्यता के आधार पर कठघरे में खड़े करने का हर प्रयास का कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से विरोध करेगी. सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार को आत्मुग्ध बताया. उन्होंने कहा कि ये सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के महान बलिदानों और देश की गौरवशाली उपलब्धियों को तुच्छ साबित करने पर तुली हुई है.
'नेहरू-गांधी को बदनाम करने की कोशिश, आत्ममुग्ध सरकार', 15 अगस्त पर सोनिया का हमला
सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर संदेश जारी किया है.


सोनिया गांधी का ये संदेश तब आया है, आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अगले 25 साल में देश को विकसित बनाने का संकल्प लेने के लिए कहा. अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने पांच प्रण दिए. देश को विकसित बनाने के लक्ष्य के साथ-साथ पीएम ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से मुक्ति जरूरी है. उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए और एकता और एकजुटता बनाकर रखनी चाहिए.
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं. पहली चुनौती है भ्रष्टाचार और दूसरी चुनौती है भाई-भतीजावाद और परिवारवाद. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला करता जा रहा है और इससे देश को लड़ना ही होगा. उन्होंने आगे कहा कि परिवारवाद केवल राजनीतिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने हमारी अनेक संस्थाओं को अपने कब्जे में ले रखा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे देश के टैलेंट को नुकसान होता है.
इधर अपने संदेश में सोनिया गांधी ने कहा,
"पिछले 75 साल में भारत ने अपने प्रतिभाशाली भारतवासियों की कड़ी मेहनत के बल पर विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सूचना प्रौद्योगिकी सहित सभी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय पटल पर अमिट छाप छोड़ी है. भारत ने अपने दूरदर्शी नेताओं के नेतृत्व में एक ओर जहां स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था स्थापित की, वहीं प्रजातंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत बनाया."
सोनिया गांधी ने आगे कहा कि भारत ने भाषा-धर्म-संप्रदाय की बहुलतावादी कसौटी पर हमेशा खरा उतरने वाले एक अग्रणी देश के रूप में अपनी गौरवपूर्ण पहचान बनाई है.
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