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आफताब ने ऐसे छिपाए थे श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स, पुलिस ने अब क्या खुलासा किया?

Shraddha Walker मर्डर मामले में पुलिस ने करीब 3000 पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की. यह चार्जशीट साकेत कोर्ट के मेट्रोपाॅलिटन मजिस्ट्रेट अविरल शुक्ला की अदालत में दाखिल की गई .

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श्रद्धा वॉकर और आफताब पूनावाला लिव इन में रह रहे थे. (Image: India Today)

श्रद्धा वॉकर मर्डर केस. मई, 2022 में आफताब पूनावाला (Aftab Poonawala) पर अपनी गर्लफ़्रेंड श्रद्धा वॉकर की हत्या (Shraddha Walkar Murder) के आरोप लगे. कथित तौर पर आफताब ने श्रद्धा के शरीर के टुकड़ों को बहुत दिनों तक अपनी फ्रिज में रखा, फिर दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में फेंक दिया. इस केस में मंगलवार, 28 मई को नया मोड़ आया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. इसमें डिजिटल सबूतों और उनसे छेड़छाड़ की बात की गई है. कथित तौर पर आफताब की गूगल लोकेशन उन जगहों से मैच हो रही है, जहां श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स मिले थे.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने करीब 3000 पन्नों की सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल की. यह चार्जशीट साकेत कोर्ट  के मेट्रोपाॅलिटन मजिस्ट्रेट अविरल शुक्ला की अदालत में दाखिल की गई. चार्जशीट में आफताब की गूगल लोकेशन, सर्च हिस्ट्री और अन्य डिजिटल औऱ फाॅरेंसिक सबूतों की जानकारी दी गई है.

Aftab Poonawala की सर्च हिस्ट्री

आफताब की सर्च हिस्ट्री में फ्लेयर गन के उपयोग से जुड़ी जानकारी शामिल है. चार्जशीट में कहा गया है कि आफताब के फोन का लोकेशन वहीं पाई गई है, जहां श्रद्धा की बॉडी के टुकड़े फेंके गए थे. इस चार्जशीट में पुलिस ने आफताब पर IPC  की धारा 302( मर्डर ) और धारा 201 (अपराध के सबूतों को मिटाने का प्रयास ) के तहत मामला दर्ज किया है.

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इससे पहले  जनवरी 2023 में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी. तब करीब 6 हजार 629 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी. इसमें आफताब पूनावाला पर आरोप लगा कि उसने मई 2022 में राष्ट्रीय राजधानी के मेहरौली में श्रद्धा वाकर का गला घोंट दिया. उसने श्रद्धा के शरीर के टुकड़े कर दिए. फिर पहचान छुपाने के लिए शरीर के हिस्सों को मेहरौली के जंगलों समेत शहर के दूसरे इलाकों में फेंक दिया.

यह मामला इस साल मार्च में भी चर्चा में था. उस वक्त दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि आफताब को दिन में 8 घंटे के लिए उसके सेल से बाहर जाने की अनुमति दी जाए. बताते चलें कि आफताब को एकांत कारावास में रखा गया है.

यह स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे नवनीत ने लिखी है. 

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