
मस्त लग रही पहली झलक 'ज़ीरो' की.
टीज़र की शुरुआत में सबसे पहले रिलीज़ डेट आती है. 21 दिसंबर 2018. फिर शाहरुख़ और डायरेक्टर का नाम. और उसके बाद वो तमाम विशेषण स्क्रीन पर लिखे हुए चमकते हैं जिनसे आशिकों को इस मुल्क में पुकारा जाता है. पागल, शायर, मक्कार, मेंटल, कमज़र्फ, धोखेबाज़, कमीना, बदतमीज़, बेहया, छिछोरा, दिलफेंक वगैरह-वगैरह. और फिर....
और फिर एक गर्जना के साथ एंट्री होती है किंग ख़ान की. किसी पार्टी का सीन है जहां लोग धीमे रोमांटिक म्यूजिक पर डोल रहे हैं. वहां कच्छे-बनियान में घुस आए बमुश्किल तीन फुट के शाहरुख़ को देखना अद्भुत अनुभव है. स्वैग दिख रहा है भाई का. ख़ास तौर से तब, जब वो अपनी हवाई चप्पलें हवा में उछालते हैं.
फिर आती है मुहम्मद रफ़ी की आवाज़. शशि कपूर की फिल्म 'जब जब फूल खिले' का गीत 'तुमको हमपे प्यार आया' पर मोहल्ले की शादियों वाला डांस करते शाहरुख़ ख़ान. एक मिनट में टीज़र ख़त्म हो जाता है और आपका दिल चाहता है थोड़ा और बड़ा होता. आख़िर में जब फिल्म का नाम स्क्रीन पर झलकता है तब मुम्बई के 'गेटवे ऑफ़ इंडिया' से लेकर न्यूयॉर्क के 'स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी' तक ढेर सारी मशहूर जगहें दिख रही होती है. और तारे भरे आसमान में लिखा है फिल्म का नाम. 'ज़ीरो'.
साथ ही शाहरुख़ की आवाज़,
"हम जिसके पीछे लग जाते हैं, लाइफ बना देते हैं."पीछे बैकग्राउंड में कोई बौनों का मज़ाक उड़ाने वाला फिकरा 'ओ पव्वे' चिल्लाता है.
वीडियो यहां देख लो:
टीज़र देखकर लग रहा है कि अरसे बाद शाहरुख़ की कोई अच्छी फिल्म देखनी नसीब होगी. 'जब हैरी मेट सेजल' और 'रईस' जैसे पाप धुल जायेंगे. 'ज़ीरो' आनंद एल राय की फिल्म है, जिन्होंने 'रांझना' और 'तनु वेड्स मनु' वाली फ़िल्में बनाई थी. सब कुछ बढ़िया है बस एक दिक्कत है. लगभग साल भर का इंतज़ार करना पड़ेगा इसे देखने के लिए.
ये भी पढ़ें:
2017 की वो सात फ़िल्में, जो ऊंची दुकान फ़ीका पकवान साबित हुईंटाइगर ज़िंदा था, टाइगर ज़िंदा है, टाइगर ज़िंदा रहेगा
सलमान भाई की पिछली 10 फिल्मों ने कितनी कमाई की थी, जान लो
वीडियो: इरशाद कामिल ने सुनाई 'तुम तक' की कहानी













